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क्या टीकाकरण से रुकेगा ओमिक्रॉन वैरिएंट? जानिए बूस्टर ख़ुराक के बारे में यहां

The vaccine technology underlying the booster shots is the same as the first and second vaccine doses. Source: AAP

क्या कोरोना रोधी टीके ओमिक्रॉन वैरिएंट के फैलाव को रोक सकेंगे? कई विशेषज्ञों ने सुझाया है कि मौजूदा टीके और बूस्टर ख़ुराकें इस नए वैरिएंट के खिलाफ़ कारगर साबित हो सकती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 के नए स्वरुप, ओमिक्रॉन को 'चिंताजनक' श्रेणी में रखा है। ऐसी अटकलें लगायी जा रही हैं कि मौजूदा कोविड-रोधी टीके शायद इस वैरिएंट पर असर न करें।

दवा कंपनी फाइज़र का कहना है कि वे मौजूदा टीकों में रासायनिक बदलाव कर 100 दिन के भीतर नयी वैक्सीन तैयार कर सकती है, जबकि मॉडर्ना ने घोषणा की है कि वे यही टीके 2022 की शुरुआत में विक्सित कर सकती है।

किसे प्राप्त होंगे ये बूस्टर टीके?

ऑस्ट्रेलिया का कोविड-19 बूस्टर  टीकाकरण अभियान अक्टूबर से शुरू हुआ था, और बीती 8 नवंबर से 18 वर्ष से अधिक उम्र के वे हर व्यक्ति जिन्हें छह माह पहले पूर्ण टीकाकरण प्राप्त हो चुका है, वे यह ख़ुराक पा सकते हैं।

अटाजी फिलहाल 12-17 साल के व्यक्तियों और उन लोगों के लिए, जिनकी प्रतिरोधक शक्ति कम होने के कारण उन्हें प्राथमिक टीकाकरण के दौरान टीके की तीसरी ख़ुराक दी गयी थी, बूस्टर ख़ुराक की सलाह नहीं दे रहा है।

People at the Boondall mass vaccination hub in Brisbane on 18 September 2021.
People at the Boondall mass vaccination hub in Brisbane on 18 September 2021.
AAP

आपको कितनी जल्दी बूस्टर ख़ुराक लगवा लेनी चाहिए?

वे लोग जिनकी प्रतिरोधक शक्ति अतिक्षीण है, वे टीके की दूसरी ख़ुराक के दो से छह महीने बाद बूस्टर ख़ुराक ले सकते हैं।

उन असाधारण परिस्थितियों में जब प्रतिरोधक शक्ति किसी करण से और भी क्षीण हो गयी हो, यह अंतराल चार हफ्ते का किया जा सकता है।

जनसाधारण के लिए, 18 वर्ष से अधिक उम्र के वे हर व्यक्ति जिन्हें छह माह पहले पूर्ण टीकाकरण प्राप्त हो चुका है, वे यह ख़ुराक पा सकते हैं।

बूस्टर ख़ुराक कैसे काम करती है? 

बूस्टर ख़ुराक की तकनीक भी पहली और दूसरी टीके की ख़ुराक जैसी ही है।

बूस्टर ख़ुराक यह सुनिश्चित करती है कि प्राथमिक टीकाकरण से प्राप्त सुरक्षा और प्रतिरोधक क्षमता वक्त के साथ कम हुई एंटीबॉडीज़ के बाद भी एक तय स्तर पर बनी रहे।

मोनाश यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ़ इम्युनोलॉजी एंड पैथालॉजी से डॉ एमिली एडवर्ड्स कहती हैं कि यह बूस्टर ख़ुराक उसी सिद्धांत पर आधारित हैं जिन पर पूर्व में हेपेटाइटिस और ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) जैसे रोगों की बूस्टर खुराकें विकसित की गयीं थीं, और यह स्कूलों में  प्रतिरोधक शक्ति कार्यक्रमों का हिस्सा भी है।

अक्टूबर महीने में SBS से बात करते हुए डॉ एडवर्ड्स ने कहा था कि, "यह सारा खेल बुनियादी ढांचे का है। हो सकता है इसकी तकनीक लंबे समय से हमारे पास रही हो। यह सभी टीकों और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तरीकों के साथ होता है कि हम इस बात का अवलोकन करते हैं कि टीके और वायरस आप पर किस तरह असर कर रहे हैं।"

कौन सी बूस्टर ख़ुराक आपके लिए सही है? 

अटाजी की सलाह है कि आपकी तीसरी टीके की ख़ुराक फाइज़र का ही टीका होनी चाहिए, क्योंकि वह एक mRNA टीका है। इस बात से कोई अंतर नहीं पड़ता कि आपका प्राथमिक टीकाकरण कौनसे टीके से किया गया था।

सरकार को उम्मीद है कि इस सूची में जल्द ही दवा नियामक, थेराप्युटिक गुड्स एडमिनिस्ट्रेशन, और टीके भी जोड़ेगा।

हालांकि इसे प्राथमिकता तो नहीं दी जाती, पर जिन लोगों को पहले एस्ट्राज़ेनेका के टीके लगे हैं, और उन्हें उससे अनाफ्य्लाक्सिस जैसी कोई परेशानी नहीं पेश आई है, वे बूस्टर ख़ुराक में एस्ट्राज़ेनेका भी ले सकते हैं। एस्ट्राज़ेनेका की सलाह उन लोगों के लिए भी दी जाती है जिन्हें mRNA टीकों से खासा परेशानियां पेश आयीं थीं।

आप बुकिंग कैसे कर सकते हैं?

पात्र व्यक्ति बूस्टर ख़ुराकों की बुकिंग के लिए किसी भी चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।

आप सरकार की वैक्सीन क्लिनिक फाइंडर वेबसाइट के ज़रिये भी अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।


A healthcare worker speaks to a patient after administering a Covid19 vaccination at a pop-up vaccination van in Epping, Melbourne.
A healthcare worker speaks to a patient after administering a Covid19 vaccination at a pop-up vaccination van in Epping, Melbourne.
AAP

कितनी असरदार हैं बूस्टर ख़ुराकें?

दुनिया भर के विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि मौजूदा कोरोना रोधी टीके नए कोविड स्ट्रेन ओमिक्रॉन के खिलाफ कितने असरदार हैं।

हालांकि डेल्टा वैरिएंट के मामले में ये टीके मृत्यु या अस्पताल में भर्ती होने के खतरे से उच्च स्तरीय सुरक्षा देने में सक्षम हैं।

डॉ एडवर्ड्स का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के खुलने के साथ साथ सार्वजानिक स्वास्थ्य के उपकरण, जैसे मास्क और सामाजिक दूरी आवश्यक रहेंगे। पर प्राथमिक और बूस्टर टीकों की प्रभाविता अब भी काफ़ी अधिक है।

वे कहती हैं, "अगर आपने टीका लगवाया है तो आप किसी ऐसे के बनिस्बत ज़्यादा सुरक्षित हैं, जिन्होंने टीका नहीं लिया है। दुर्भाग्य से, कुछ संक्रमण तो रहेंगे ही। लेकिन टीके आपको बहुत बीमार पड़ने से बचा सकते हैं, जो इस वैश्विक महामारी के समय में ज़रूरी बात है।"

इससे जुड़े क्या खतरे या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?

बूस्टर ख़ुराकों में वही टीके इस्तेमाल होते हैं जो प्राथमिक टीकों में दिए जाते हैं। बूस्टर ख़ुराकों के लिए भी वही चिकित्सक सलाह दी गयी है जो प्राथमिक टीकों के लिए है। फिर भी, दुनिया भर के विशेषज्ञ इन टीकों के दीर्घगामी परिणामों पर पैनी नज़र बनाये हुए हैं।

क्या हमारे पास पर्याप्त ख़ुराकें हैं? 

अक्टूबर में फ़ेडरल स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने कहा था कि ऑस्ट्रेलिया बूस्टर ख़ुराक अभियान के लिए पूरी तरह से तैयार है।

श्री हंट का कहना था, "भविष्य में 151 मिलियन फाइज़र, नोवावैक्स और मॉडर्ना टीकों की ख़ुराकें सुनिश्चित होने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया चिकित्सा विशेषज्ञों की मंज़ूरी के अनुसार बूस्टर ख़ुराकें बाटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।"

संक्रामक रोग विशेषज्ञ संजया सेननयाके ने पूर्व में कहा था कि समृद्ध देशों में बूस्टर ख़ुराक आबंटित करने की योजनाओं ने कोरोना-रोधी टीकों के अंतराष्ट्रीय स्तर पर न्यायसंगत वितरण को लेकर चर्चा शुरू की थी। 

उनका कहना था, "अंत में, अगर सभी ऑस्ट्रेलिया निवासी गंभीर बिमारी और अस्पताल में भर्ती होने के ख़तरे से सुरक्षित हैं तो हमें दुनिया के बाकी लोगों की मदद भी करनी चाहिए।"

एशिया-प्रशांत इलाके में सामुदायिक प्रतिरोधक क्षमता के विकास को लेकर उनका कहना था कि, "हमें कोरोना के मामले में स्वार्थी होने के लिए भी निःस्वार्थ होना होगा।"

अतिरिक्त रिपोर्टिंग: शुभा कृष्णन 

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