भारतीय ऑस्ट्रेलियाई राजदीप सिंह बने ‘टैक्सी ड्राइवर ऑफ़ दा ईयर’

भारतीय ऑस्ट्रेलियाई राजदीप सिंह बने ‘टैक्सी ड्राइवर ऑफ़ दा ईयर’

Source: Supplied

साउथ ऑस्ट्रेलिया की टूरिज़्म इंडस्ट्री कॉउंसिल द्वारा हर साल 29 कैटेगरी में राज्य में सबसे बेहतरीन सेवा देने वालों को अवार्ड दिया जाता है।


एडीलेड में रहने वाले भारतीय ऑस्ट्रेलियाई राजदीप सिंह भी टूरिज़्म अवार्ड जीतने वालों में शामिल हैं। 

8 नवम्बर को हुए रंगारंग कार्यक्रम में राजदीप सिंह को साल 2019 के लिए ‘साउथ ऑस्ट्रेलियन टैक्सी ड्राइवर ऑफ़ दा ईयर’ घोषित किया गया। 

इस अवार्ड के लिए टैक्सी कॉउंसिल साउथ ऑस्ट्रेलिया ने राज्य में टैक्सी का इस्तेमाल करने वाले लोगो से अपने अनुभव बताने को कहा था। 

राजदीप कहते हैं कि अपने यात्रियों के चेहरे पर सुकून और मुस्कराहट उनको बेहतर सेवा देने के लिए प्रेरित करती है। 

“बहुत से रेगुलर कस्टमर फ़ोन करके रिक्वेस्ट करते है कि क्या मैं उनको सुबह 4 या 5 बजे एयरपोर्ट छोड़ सकता हूँ, और इनमें महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है क्योंकि सुरक्षा का भरोसा महत्वपूर्ण है।”

भारतीय ऑस्ट्रेलियाई राजदीप सिंह बने ‘टैक्सी ड्राइवर ऑफ़ दा ईयर’
भारतीय ऑस्ट्रेलियाई राजदीप सिंह बने ‘टैक्सी ड्राइवर ऑफ़ दा ईयर’ Source: Supplied

टैक्सी ड्राइवर ऑफ़ दा ईयर’अवार्ड के लिए पाँच खास मापदंड भी रखे गए थे। 

1- ड्राइवर की जानकारी और क्षमता 

2- सेवा-भाव और मदद करने का जज़्बा 

3- ड्राइवर और कार का प्रेजेंटेशन 

4- यात्रा के दौरान सुरक्षा और आराम 

5- विशेष आवश्यकता वाले यात्रियों को सही सेवा 

राजदीप सिंह ने इन सभी मापदंडो पर खरा उतरते हुए बाकि नॉमिनेटेड ड्राइवर्स को वोटिंग में पछाड़ कर अवार्ड हासिल किया। 

पिछले 12 साल की कड़ी मेहनत के बाद राजदीप अब खुद की टैक्सी कम्पनी चलाते हैं उनका कहना है कि वे अपने सभी ड्राइवर को यही मंत्र देते हैं कि इज़्ज़्त देने से इज़्ज़्त मिलती है। 

“हमें अच्छे और कम अच्छे दोनों तरह के यात्री मिलते हैं लेकिन हमें अपने प्रोफेशन का मूल मंत्र ग्राहक की सेवा के लिए सदैव याद रख काम करते रहना चाहिए।”

भारतीय ऑस्ट्रेलियाई राजदीप सिंह बने ‘टैक्सी ड्राइवर ऑफ़ दा ईयर’
भारतीय ऑस्ट्रेलियाई राजदीप सिंह बने ‘टैक्सी ड्राइवर ऑफ़ दा ईयर’ Source: Supplied

राजदीप अपनी सफलता के लिए अपने परिवार को धन्यवाद करना नहीं भूलते। 

“मेरी पत्नी और मैं दोनों काम करते हैं, ऐसे में मैं 12 घंटे लम्बी शिफ्ट के बीच अपनी दोनों बेटियों और घर की जिम्मेदारी को कम समय दे पाता हूँ लेकिन मेरा परिवार हमेशा मेरी ताकत बना रहता है।”

राजदीप सिंह कहते हैं कि अपने काम से संतुष्ट होने का तो सवाल ही नहीं है। 

“अभी तो शुरुवात है, मैं चाहता हूँ कि साउथ ऑस्ट्रेलिया आने वाले टूरिस्ट हमारे नाम से आने से पहले टैक्सी बुक करायें, तब कहीं लगेगा कि कुछ हासिल किया है। 

 

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