मंगलवार को 29 के मुकाबले 31 मतों से ग्रीन्स पार्टी का प्रस्ताव पास हो गया. इसमें लेबर और निक जेनोफोन टीम के सेनेटर्स ने भी ग्रीन्स पार्टी का साथ दिया.
नवंबर में इस बारे में एसबीएस ने खबर दी थी. नए नियम के तहत यदि कोई व्यक्ति वीसा ऐप्लिकेशन में गलत जानकारी देता पाया गया या झूठे दस्तावेज जमा कराता पकड़ा गया तो उस पर दोबारा वीसा अप्लाई करने के लिए 10 साल तक के बैन का प्रावधान किया गया था. यह प्रतिबंध तब भी लागू होता जबकि ऐप्लिकेंट ने जानबूझकर गलत जानकारी ना दी हो.
पहले प्रतिबंध की यह समय सीमा 12 साल की थी.
ग्रीन्स सेनेटर निक मकिम ने कहा कि इमिग्रेशन मिनिस्टर पीटर डटन जो बदलाव कर रहे हैं वे 'असंगत, निर्दयी और दंडात्मक' हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कुछ गलत ना किया हो, या जिन्हें माइग्रेशन एजेंट्स ने ठगा हो, इन नियमों के कारण उन्हें भी सजा मिलती.
सेनेटर मकिम ने कहा, "लोगों को बीमार होने पर इसलिए हिरासत में ले लिया जाए कि वे गरीब हैं!"
वन नेशन की नेता पॉलीन हैन्सन ने कहा कि ग्रीन्स पार्टी की चिंताओँ को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और यदि लोग नियमों का पालन नहीं करते तो उन्हें देश में आने की इजाजत नहीं होनी चाहिए. सेनेटर हैन्सन ने कहा, "हमने जरूरत से ज्यादा लोगों को इस देश में आने दिया है, जो हमारा फायदा उठा रहे हैं."
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