अपनी तीन साल की बेटी के साथ मार-पीत करने वाले 27 साल के एक भारतीय युवक को ऑस्ट्रेलिया से निर्वासित किया जा सकता है. 22 साल की उसकी पत्नी को जेल की सजा काटनी होगी.
कानूनी वजहों से इन दोनों की पहचान जाहिर नहीं की जा सकती. ये दोनों अब अलग हो चुके हैं. इस हफ्ते टाउन्सविल कोर्ट ने में इन्हें सजा सुनाई गई.
इन दोनों पर आरोप था कि तीन साल की बच्ची के साथा शारीरिक दुर्व्यवहार किया जो लगभग आठ महीने चला.
मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि अधिकारियों ने जब बच्ची की जांच की तो वह इतनी गंदी थी कि पहले उसे साफ करना पड़ा.
टाउन्सविल बुलेटिन अखबार की खबर है कि बच्ची बहुत कमजोर थी. उसका वजन बहुत कम था और उसके पूरे शरीर पर चोटों के निशान थे. उसकी दाईं टांग, कंधे और बाजू की हड्डी टूटी हुई थी.
मुकदमे की सुनवाई में यह बात सामने आई कि बच्ची के पिता ने एक बार बच्ची को टखने से पकड़ा और हवा में लहरा दिया क्योंकि वह ये जानना चाहता था कि बच्ची कितना दर्द सह सकती है.
बच्ची की मां की वकील ने सफाई में कहा कि महिला का अपना लालन पालन अच्छा नहीं हुआ था. वकील के मुताबिक उस महिला ने 15 साल की आयु में ही घर छोड़ दिया था. वह 12वीं क्लास में थी जब गर्भवती हो गई थी और उसे स्कूल छोड़ना पड़ा था.
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इस पूर्व जोड़े ने जांच के दौरान झूठ बोले और बच्ची को लगीं चोटों की वजह शैतानी ताकतों को बताया.
पिता के वकील ने कोर्ट को बताया कि युवक 2014 में पढ़ने के लिए ऑस्ट्रेलिया आया था. 2017 में उसका वीसा खत्म हो रहा था और वह वापस जाने की इच्छा रखता था.
कोर्ट में उस युवक की एक चिट्ठी पढ़ी गई जिसमें उसने अपने किए पर पछतावा जाहिर किया.
फैसला सुनाते वक्त जज जॉन कोकर ने कहा कि इस पूर्व जोड़े ने छोटी सी बच्ची को शारीरिक और मानसिक नुकसान पहुंचाया है.
महिला को तीन साल की कैद दी गई है. वह करीब छह महीने पहले ही जेल में बिता चुकी है और 6 सितंबर को परोल की हकदार हो जाएगी.
पुरुष को तीन साल नौ महीने की जेल हुई है. वह 15 महीने जेल में बिता चुका है और बाकी सजा के लिए उसे निर्वासित किया जा सकता है.
कोर्ट को बताया गया कि बच्ची अब ठीक है और उसका विकास हो रहा है.
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