हिरासत में लिए गए 38 भारतीयों में 9 महिलाएं हैं. ये लोग लीसेस्टर शहर की दो कपड़ा फैक्ट्रियों में काम कर रहे थे. एक छापे के दौरान इन्हें हिरासत में लिया गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की इमिग्रेशन एनफोर्समेंट टीम ने पिछले हफ्ते लीसेस्टर की एमके क्लोदिंग लिमिटेड और फैशन टाइम्स यूके लिमिटेड पर छापे मारे थे. इन छापों के दौरान 38 भारतीयों और एक अफगान व्यक्ति को हिरासत में लिया गया.
जिन लोगों को पकड़ा गया है उनमें से 31 ऐसे हैं जिनका वीसा खत्म हो चुका है. सात लोग देश में अवैध तरीके से आए थे. और एक व्यक्ति ऐसी जगह काम कर रहा था जहां काम करने का अधिकार उसके वीसा के तहत नहीं था.
एनडीटीवी की रिपोर्ट है कि सिर्फ 19 लोगों को ही हिरासत केंद्र में रखा गया है. बाकी 20 लोगों को कहा गया है कि वे नियमित तौर पर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करेंगे.
पीटीआई के मुताबिक ईस्ट मिडलैंड्स इमिग्रेशन एनफोर्समेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर एलिसन स्पोवेज ने बताया, "ऐसा नहीं है कि अवैध कामगार रखने से कोई पीड़ित नहीं होता. यह टैक्सपेयर्स के साथ धोखा है. इससे ईमानदारी से काम करने वाले व्यापारियों को नुकसान होता है. और वैध तरीके से काम करने वाले लोगों के अधिकारों का भी हनन होता है."
अवैध तरीके से काम लेने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
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