अदानी ने अपनी विवादास्पद कारमाइकल खदान में पहली बार कोयला पाया

ब्रावस, जिसे पहले अदानी ऑस्ट्रेलिया के नाम से जाना जाता था, इसने कुछ ही दिन पहले कारमाइकल खदान से अपना पहला कोयला-संस्तर पाया। कोयला प्राप्त करने के उपलक्ष्य में खुशियां मनाई गयी और पहले सीम को प्रदर्शित किया गया। लेकिन पर्यावरणविद के अनुसार यह जशन मनाने का कोई कारण नहीं है।

Adani mine

ब्रावस, पहले अदानी ऑस्ट्रेलिया के नाम से जाने वाली कंपनी,अपनी कारमाइकल खदान में सबसे पहले सीम को उजागर किया। Source: ब्रावस के द्वारा

कोयले की पहली तह के मिलने के बाद खनन दिग्गज अदानी की विवादास्पद क्वींसलैंड खदान से कोयला इस साल के अंत में निर्यात होने की राह पर है।

ब्रावस के सीईओ डेविड बॉशॉफ ने एक बयान में कहा, "निर्माण के पिछले दो वर्षों के दौरान और कई वर्षों से हमने मंजूरी हासिल करने के लिए संघर्ष किया है, हम लोगों ने इस परियोजना में दिल और जान लगा दी, यह बहुत बढ़िया है कि हमें कोयला मिल गया है"।
"हम इस साल पहले कोयले का निर्यात करने के लिए ट्रैक पर हैं, और इस महत्वपूर्ण माइलस्टोन तक पहुंचने के बावजूद, हम कोयले को बाजार में लाने के अपने बड़े लक्ष्य से अपनी आंखें नहीं हटाएंगे।" श्री बॉशॉफ ने कहा।

हाइलाइट

  • ब्रावस, पहले अदानी ऑस्ट्रेलिया के नाम से जानने वाली खनन कंपनी, को अपनी कारमाइकल खदान में पहली बार कोयला प्राप्त हुआ
  • कारमाइकल खदान शुरू में भारत को कोयला निर्यात करेगी, जहां अदानी ग्रुप स्थित है 
  • ग्रीनपीस ऑस्ट्रेलिया के सीईओ डेविड रिटर ने आलोचना की, कहा खुशी मनाना "अनुचित"

 

इस साइट पर निर्माण 2019 में संघीय और राज्य सरकारों से अंतिम अनुमोदन के बाद शुरू हुआ था। कारमाइकल खदान  शुरुआत में भारत को कोयले का निर्यात करेगी, जहां अदानी ग्रुप स्थित है।
Adani Mining
कारमाइकल खदान में प्रथम कोयले कि तस्वीर Source: ब्रावस के द्वारा
श्री बोशॉफ ने कहा कि ब्रावस ने प्रत्येक वर्ष खदान से 10 मिलियन टन का उत्पादन करने के लिए सौदे किए हैं।

अदानी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अदानी ने ट्वीट कर कहा कि उन्हें अपनी टीम पर गर्व है।

कारमाइकल खदान मैके से 400 किलोमीटर से अधिक अंतर्देशीय गलील बेसिन में स्थित है।

खदान के निर्माण की परियोजना के विरोध में पर्यावरणविदों द्वारा एक दशक लंबा अभियान चल रहा है।

ग्रीनपीस ऑस्ट्रेलिया के सीईओ डेविड रिटर ने गुरुवार को कहा कि "यह कल्पना करना पूरी तरह से "अनुचित है कि यह उत्सव का क्षण है।"

"यह कोयला है जो जमीन में रहना चाहिए अगर हमें दुनिया को सबसे खराब जलवायु क्षति से बचने की दिशा में एक प्रक्षेपवक्र पर रखना है," उन्होंने एसबीएस न्यूज को बताया।
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Published

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By Natasha Kaul


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