विवादों में रहने वाली अडाणी कंपनी ने क्वीन्सलैंड सरकार को गलत सूचना देने की बात मानी है. ब्रिसबेन की एक अदालत में कंपनी ने अपना दोष माना था. राज्य के पर्यावरण विभाग ने पिछले साल कंपनी पर मुकदमा किया था.
यह मामला 2017-18 में कंपनी की क्वीन्सलैंड खदान के सालाना रिटर्न से जुड़ा है. पर्यावरण विभाग ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने 5.8 एकड़ जमीन के प्रयोग को लेकर गलत जानकारी दी.
ऑस्ट्रेलिया में अडाणी के खिलाफ पहली बार किसी अपराधिक मामले में दोष साबित हुआ है.
हालांकि कपंनी का कहना है कि यह एक प्रशासनिक गलती है.
एक बयान जारी कर कंपनी ने कहा, "बड़ी बात यह है कि पर्यावरण को किसी तरह की हानि नहीं हुई. सारा काम कानूनन किया गया और शर्तों का कहीं उल्लंघन नहीं हुआ."
इस आरोप में अधिकतम सजा तीन मिलियन डॉलर जुर्माने तक की है लेकिन सरकारी वकीलों ने 25 हजार डॉलर जुर्माने की सजा की अपील की थी.
कंपनी के खिलाफ इस फैसले के खिलाफ एक बार फिर अडाणी खदान विरोधी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से खनन की इजाजत वापस लेने की मांग की है.
ग्रीन्स सेनेटर लैरिसा वॉटर्स ने कहा, "यदि सरकार अडाणी के उल्लंघनों को यूं ही नजरअंदाज करती रही तो इसका मतलब है कि कोयले के व्यापार में लगे दान दाताओं के लिए एक तरह के नियम हैं और आम ऑस्ट्रेलियाइयों के लिए दूसरे."
इससे पहले 2017 में अडाणी की ऐबट पॉइंट स्थित खदान पर दूषित पानी बहाने के लिए 12 हजार डॉलर का जुर्माना हो चुका है.
