सिडनी के एक नर्सिंग होम में एक कर्मचारी द्वारा 82 साल के डिमेंशिया के मरीज़ की पिटाई का वीडियो कुछ समय पहले सामने आया था.
एएपि के अनुसार, अब इस मामले में नर्सिंग होम के कर्मचारी को अदालत ने दोषी ठहराया है.
आपको बता दें कि मरीज़ के चिंतित परिजन ने उनके कमरे में एक कैमरा छुपा कर रख दिया था जिसमें प्रकाश पौडयाल नाम के इस शख्स की हरकतें कैद हो गई थी इस फुटेज में ये भी दिखा की प्रकाश उस बुज़ुर्ग मरीज़ को उसकी शर्ट से बुरी तरह से खींच रहा था.
36 साल के प्रकाश पौडयाल को मेनली का स्थानीय अदालत ने दोषी करार दिया है. प्रकाश को मंगलवार को हमले के दो मामलो में दोषी पाया गया है. प्रकाश के खिलाफ वीडियों अदालत में पेश किए गए थे जो कि 26 अगस्त से 3 सितंबर के बीच सीफोर्ड एज्ड केयर होम में एक छुपे हुए कैमरे से लिए गए थे.

जानकारी के मुताबिक इस बुज़ुर्ग शख्स की बेटी ने अपने पिता के इलाज पर चिंतित होने के कारण एक फोटो फ्रेम के तौर पर ये छुपा कैमरा उनके कमरे में लगाया था.
तथ्य बताते है कि “पीड़ित अपनी अंग्रेज़ी बोलने और समझने की क्षमता खो चुका था और साफ था कि उसका संस्थान के किसी भी कर्मचारी के साथ संवाद स्थापित करना मुश्किल हो रहा था.”
“पीड़ित अपने परिवार के साथ व्यक्तिगत वार्तालाप में धाराप्रवाह अरबी भाषा बोलने में सक्षम था”

फुटेज में पौडयाल को पीड़ित के कपड़े बदलते वक्त उसे कई बार जूते से मारने और शर्ट से बुरी तरह खींचते हुए देखा गया था.
एक दूसरी घटना में पौडयाल की एक हरकत की वजह से ये बीमार शख्स पने बिस्तर से ज़मीन पर गिर गया था.
तथ्य बताते हैं कि “ पीड़ित बिस्तर पर अपना दाहिना हाथ रखकर गिरने से होने वाले नुकसान को कम करने की कोशिश कर रहा था”
इस बीच पौडयाल को पीड़ित की ओर इशारा करने से पहले ज़ोर ज़ोर से आवाज़ें करते सुना जा सकता था.
इसके बाद वो बिस्तर को ठीक करने के लिए आगे बढ़ता है जबकि वो बुज़ुर्ग व्यक्ति ज़मीन पर ही पड़ा है.
इस बुज़र्ग व्यक्ति को साल 2015 में डिमेंशिया से पीड़ित पाया गया था और साल 2017 में उन्हें इस संस्थान में देखभाल के लिए लाया गया था.
फिलहाल पौडयाल बेल पर रहेगा और उस पर एज्ड केयर उद्योग में काम करने पर पाबंदी लगा दी गई है.
उसे 23 जनवरी को सज़ा सुनाई जाएगी.
