गलती से एक लाख दिरहम (करीब 40 हजार डॉलर्स) कूड़े में फेंकने वाले भारतीय मूल के एक रेस्तरां मैनेजर की मुश्किलों का अंत होता दिख रहा है.
चार साल से दुबई में दर दर भटक रहे अब्दुल वहाब अब भारत वापस जा पाएंगे.
लोगों की मदद से जुटाए गए पैसे से अपना कर्ज चुकाने के बाद 37 साल के अब्दुल वहाब अब घर जा सकेंगे.
मार्च 2015 से दुबर्ई में फंसे और दर दर भटक रहे वहाब ने गलती से कंपनी का पैसा कूड़े में फेंक दिया था. गल्फ न्यूज ने इस बारे में खबर छापी थी.
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक वहाब ने अपनी कंपनी के एक लाख 5 हजार 439 दिरहम से भरा बैग सड़क किनारे रखे कूड़े में फेंक दिया था. इस लापरवाही की उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी. उनकी नौकरी तो गई है, किराया ना चुका पाने के कारण मकान मालिक ने भी उन्हें घर से निकाल दिया.
कार रेंटल कंपनी ने भी वहाब पर किश्त ना चुकाने के कारण मुकदमा कर दिया.
जब वहाब के पास रहने का घर नहीं था तो तीन महीने तक वह अपने दोस्त की कार में रहते रहे.
2017 में हालात और बदतर हो गए जब उन्हें जेल जाना पड़ा. 2017 और 2018 में कुल सात महीने वहाब ने जेल में बिताए.
मुकदमों के कारण वहाब का पासपोर्ट जब्त हो गया था और वह दर दर भटक रहे थे.
पिछले महीने गल्फ न्यूज ने उनकी कहानी छापी तो बहुत से लोग उनकी मदद को आगे आए. लोगों ने न सिर्फ उनकी पैसे से मदद की बल्कि कानूनी मदद भी उपलब्ध करवाई.
वहाब ने अखबार को बताया, "मेरा फोन बजना बंद ही नहीं हो रहा था. मेरे पास लोगों का शुक्रिया अदा करने के लिए शब्द ही नहीं थे. जिस तरह लोगों ने अपना दिल मेरे लिए खोला, वह मेरे लिए अविश्वसनीय था. उनकी मदद से मेरे पास 82 हजार 400 दिरहम जमा हो गए. यूएई एक ऐसा देश है जहां लोग सच में एक दूसरे की कद्र करते हैं. मेरा इंसानियत में यकीन जिंदा हो गया है."
बीते रविवार वहाब ने 82 हजार 400 दिरहम अपनी पूर्व कंपनी को सौंप दिए जिसके बाद कंपनी ने मुकदमा वापस ले लिया. अब वहाब भारत लौट सकेंगे.
