अमिताभ बच्चन ने कुछ दिन पहले ये ट्वूीट साझा किया है, जिसमें एक बैंड मॉस्को के रेड स्क्वॉयर पर जिमी जिमी और सारे जहां से अच्छा की धुन बजा रहा है.
हालांकि अमिताभ के फैन ये मान रहे हैं कि ये मौजूदा फुटबॉल वर्ल्डकप के दौरान का वाक़या है लेकिन इंडिया टीवी न्यूज़ ने फोटो जर्नलिस्ट वायरल भयानी के ट्वीट के हवाले से बताया है कि एक साझा अभ्यास के दौरान जब भारतीय एयरफोर्स और नौ सेना का बैंड रेड स्क्वायर पर मार्च कर रहा था तो बैंड से जिमी -जिमी गाने की फरमाइश की गई. साथ ही बैड ने सारे जहां से अच्छा की धुन भी बजाई.
सारे जहां से अच्छा गीत दुनिया में कही भी किसी भी भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा करने के लिए काफी है, तो आप ये भी समझ गए होंगे कि सेना के बैंड ने इसे रेड स्कवायर में बजाने के लिए क्यों चुना.. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि जिमी जिमी रेड स्क्वायर पर क्यों बजाया गया। तो चलिए आज इसी पर बात कर लें.
सोवियत संघ के समय चरम पर थी वॉलीवुड के प्रति दीवानगी
दरअस्ल रूस या यूं कहें कि सोवियत संघ के समय में भारतीय फ़िल्मों की दीवानगी का सुनहरा इतिहास रहा है. जानकार तो ये भी कहते हैं कि सोवियत यूनियन से भारत की करीबी रिश्तों में हिंदी फ़िल्मों का भी बड़ा रोल रहा है. एक दौर था जब कई फ़िल्में साथ बनती थीं और दोनों देशों में एक साथ ही रिलीज़ होती थीं. 1957 में आई फ़िल्म परदेसी फ़िल्म भी दोनों देशों के सहयोग से बनी थी.
ज़माना ये था कि श्री 420, आवारा और मेरा नाम जोकर जैसी फ़िल्में रूस यूक्रेन और ज़र्जिया में महीनों सिनेमाघरों से नहीं उतरती थीं. हालांकि अब दीवानगी का वो आलम नहीं रहा क्योंकि रूसी युवाओं की पसंद अब अमेरिकी या इंगलिश फिल्में हो चुकी हैं,
सोवियत संघ में कई भारतीय फ़िल्मों ने की रिकॉर्ड कमाई
लेकिन क्या आप जानते हैं कि रूस में सबसे ज्यादा हिट तीन बॉलीवुड फ़िल्में कौन सी रही हैं. अगर आप जानेंगे तो पाएंगे कि जिमी -जिमी की राज़ भी यहीं छुपा है. रूस में सबसे ज्यादा चलने वाली फ़िल्म से एक हैं 1951 में आई राजकपूर और नरगिस की फ़िल्म आवारा.. बताया जाता है कि उस दौर में सोवियत संघ में आवारा के फ़िल्म के कराब 63 मिलियन टिकट बिके थे. कमाई का आंकड़े का अंदाज़ा आप लगा सकते हैं.
दूसरी सबसे ज्यादा चलनी वाली फिल्म थी 1973 में आई ऋषि कपूर और डिंपल की पहली फ़िल्म बॉबी.. राजकपूर के दीवाने तो रूस में पहले ही बहुत थे लेकिन इस फ़िल्म ने ऋषि को भी सोवियत के लोगों के आखों का तारा बना दिया था.
सोवियत संघ में तीसरी सबसे सफल बॉलीवुड फ़िल्मों अब नाम शुमार होता है साल 1981 में आई मिथुन चक्रवर्ती और किम यशपाल की फ़िल्म डिस्को डांसर. बप्पी लहरी के संगीत से सजी ये फ़िल्म भारत ही नहीं सोवियत संघ में भी एक बड़ी म्यूज़िकल हिट साबित हुई. कमाई के मामले में इस फ़िल्म ने राजकपूर की आवारा को भी पीछे छोड़ दिया.
हर किसी की ज़ुबां पर बस "जिमी-जिमी..."
हालांकि इस फ़िल्म का आई एम ए डिस्को डांसर गाना काफी चर्चित हुआ था, लेकिन सोवियत के दिलों में तो जिमी -जिमी जैसे बस ही गया था.आपको बता दें कि इस चर्चित गाने के लिए पिछले दिनों बप्पी लाहिड़ी को लंदन वर्लड बुक ऑफ ऱिकॉर्ड्स ने सम्मानित भी किया था. और तो और इस गाने के चाइनीज़ और रशियन वर्जन भी बन चुके हैं
