मेलबर्न की एक और काउंसिल ने 26 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया डे ना मनाने का फैसला किया है. ऐसा फैसला करने वाली यह तीसरी काउंसिल है.
मोरलैंड सिटी काउंसिल ने फैसला किया है कि 26 जनवरी को आधिकारिक ऑस्ट्रेलिया डे नहीं मानेगी. एक काउंसिलर ने इसे "बेहद संवेदनहीन" बताया.
मेलबर्न की यह तीसरी काउंसिल है जिसने ऐसा फैसला किया है. इससे पहले यारा और डारेबिन काउंसिल्स भी ऐसा ही फैसला कर चुकी हैं.
हालांकि मोरलैंड सिटी काउंसिल ने सिटीजनशिप सेरिमनी को उसी दिन जारी रखने का फैसला किया है. ऐसा इसलिए क्योंकि यारा और डारेबिन ने कहा था कि वे 26 जनवरी को सिटीजनशिप सेरिमनी नहीं मनाएंगी. इस पर फेडरल सरकार ने इन दोनों से सिटीजनशिप सेरिमनी मनाने का अधिकार ही छीन लिया था.
बुधवार को मोरलैंड ने इस फैसले के पक्ष में वोट डाला. सोशलिस्ट अलायंस की सू बॉल्टन ने इन दिन को संवेदनहीन बताते हुए कहा, "यह तो नाजी नरसंहार के जश्न मनाने जैसा है."
एक अन्य काउंसिलर जॉन कावानाग ने इस कदम का समर्थन नहीं किया. उन्होंने कहा कि यह फैसला करने का अधिकार फेडरल सरकार का है.
फेडरल सरकार काउंसिलों के इस फैसले का समर्थन नहीं करती है. पिछले महीने प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल ने कहा था कि काउंसिल अपनी सीमाएं लांघ रही हैं.
Share
