इसे नाम दिया गया है डिजिटल नोमैड वीसा.
मुख्य बातेंः
- एस्टोनिया ने दुनिया का पहला डिजिटल नोमैड वीसा शुरू किया है.
- इस वीसा पर वे लोग एक साल तक देश में रह सकते हैं, जिनके पास अपने देश में नौकरी या कोई काम है और कहीं से भी काम करने की सुविधा है.
- एस्टोनिया की देखादेखी दूसरे कई मुल्क ऐसी ही योजनाओं पर काम कर रहे हैं.
पिछले महीने ही इस यूरोपीय देश ने एक कानून पास किया था जिसके तहत ऐसे लोगों को एक साल का वीसा देने का प्रावधान किया गया जो फ्रीलांसर्स हैं या फिर नौकरी को दफ्तर के बाहर से भी जारी रख सकते हैं.

कोरोनावायरस ने दुनिया को दिखाया है कि काम करने के लिए सभी को दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. पिछले कुछ महीनों में ज्यादातर लोगों ने घर से काम करने का अनुभव पाया है.
इसी अनुभव को एक कदम और आगे ले जाते हुए एस्टोनिया ने यह नई योजना जारी की है, जिसमें उन लोगों को फायदा होगा जो कहीं से भी काम कर सकते हैं.
इस साल पहली अगस्त से जरूरी योग्यताएं पूरा करने वाले उम्मीदवार इस वीसा के लिए अप्लाई कर पा रहे हैं.
देश को उम्मीद है कि दो हजार लोग इस योजना का लाभ उठाएंगे और देश की अर्थव्यवस्था में बिना स्थानीय रोजगार छीने योगदान देंगे.
इस वीसा के तहत लोगों को एक 12 महीने तक एस्टोनिया में रहने की अनुमति होगी. इसके साथ ही 90 दिन वे यूरोप के शेनेगन जोन के 26 देशों में यात्रा भी कर सकते हैं.

इस वीसा के लिए किसी भी देश की नागरिकता वाले लोग अप्लाई कर सकते हैं लेकिन कुछ शर्तें रखी गई हैं. मसलन, उम्मीदवार के पास नौकरी या बतौर फ्रीलांसर किसी कंपनी के साथ काम करने का कॉन्ट्रैक्ट होना चाहिए. साथ ही 3504 यूरो की मासिक आय भी होनी चाहिए.
एस्टोनिया की देखादेखी कई यूरोपीय देश ऐसी ही योजनाओं पर काम कर रहे हैं.
एस्टोनिया ई-रेजिडेंसी जारी करने वाला भी दुनिया का पहला देश था. ई-रेजिडेंसी के तहत लोगों को देश की व्यापारिक सुविधाओँ का लाभ उठाने का मौका दिया जाता है.

