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ऑस्ट्रेलिया आज याद कर रहा है दो भारतीय शहीदों को

बात 100 साल पुरानी है. ठीक 100 साल पुरानी. 10 जून 1917 को बेल्जियम के वेस्ट फ्लैंडर्स में कहीं किसी जगह ऑस्ट्रेलिया के सैनिक जर्मन तोपों का सामना कर रहे थे. उस रोज दर्जनों सैनिक मारे गए. उन्हीं में सरन सिंह जोहल भी थे. आज उनकी शहादत को ठीक 100 साल पूरे हो रहे हैं.

Indian Soldiers in ANZAC
Source: Provided by Australian War Memorial

ऑस्ट्रेलिया में इस महीने दो भारतीय सैनिकों को याद किया जा रहा है. प्राइवेट नैन सिंह सैलानी और प्राइवेट सरन सिंह जोहल. इन दोनों ने ऑस्ट्रेलिया की सेना में लड़ते हुए शहादत पाई थी.

सैलानी शिमला में 1872 में जन्मे थे. 1895 में वह वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के गेराल्टन में आए. 43 साल की उम्र में सेना में भर्ती होने से पहले उन्होंने मजदूर के तौर पर काम किया था.

सरन सिंह जोहल पंजाब के जालंधर जिले के जंडियाला में 1870 में जन्मे थे और फिर साउथ ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए. 15 मई 1916 को सरन सिंह ऑस्ट्रेलिया की फौज में भर्ती हुए और उन्हें लड़ने के लिए पश्चिमी मोर्चे पर भेज दिया गया. वहीं बेल्जियम में उन्हें भी शहादत मिली.

दोनों को मरणोपरांत विक्ट्री मेडल और ब्रिटिश वॉर मेडल से नवाजा गया. लेकिन दोनों को ही अपने वतन की मिट्टी नसीब नहीं हुई. प्राइवेट सैलानी को प्लोएगस्ट्रीट वुड की स्ट्रैंड मिलिट्री सिमिट्री में दफनाया गया. लेकिन प्राइवेट जोहल की तो कब्र का भी पता नहीं है. उनके बारे में बस इतनी जानकारी है कि 10 जून 1917 को रेवरेंड जी. हुथनेस ने सुपुर्द ए खाक किया था.

लेकिन भारत में ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया में भी दोनों का नाम सम्मान से लिया जाता है. दोनों का नाम ऑस्ट्रेलिया के वॉर मेमॉरियल की दीवार पर अंकित है.

इन सैनिकों की याद में आयोजित समारोह को फेसबुक पर आप लाइव देख सकते हैं, हमारे साथ आज शाम 4 बजे से. पेज लाइक करने के लिए यहां क्लिक करें.


2 min read

Published

By vivek asri



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