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बुज़ुर्ग रक्षक प्रकाश पौडयाल पर हिंसा का आरोप

बूपा एज्ड केयर फैसिलिटी में एक ८२ वर्षीय वृद्ध के देखभाल करने वाले प्रकाश पौडयाल ने डिमेन्शिआ ग्रस्त बुज़ुर्ग पर कथित तौर पर मार पीट की, उन्हें कमीज से घसीटा और उन पर जूतों से भी किया वार. ३२ वर्षीय प्रकाश एक बच्चे के पिता हैं. उन्हें आक्र्रमण के कई आरोपों के लिए गिरफ्तार किया गया और फिलहाल सशर्त ज़मानत पर रिहा भी किया गया है.

Prakash Paudiyal
Source: ABC/Suren's Photography

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सिडनी के बूपा एज्ड केयर फैसिलिटी में ८२ वर्षीय बुज़ुर्ग डेविड नाबूसली पर उसके देख भाल करने वाले प्रकाश पौडयाल पर बेदर्दी से आक्रमण करने, घसीटने और दो बार जूते से मारने का आरोप है। 

३५ वर्षीय आरोपी प्रकाश पौडयाल खुद एक बच्चे का पिता है और हॉर्न्सबी का रहने वाला है।  उस पर कई मार पीट के इलज़ाम लगे हैं और उसे गिरफ्तार करने के बाद फिलहाल सशर्त ज़मानत पर रिहा किता गया है।  उसकी कचहरी में ११ सितम्बर को पेशी होगी।

खबर है,  कि संदिग्ध प्रकाश पौडयाल को श्री नाबुलसी की देख भाल के लिए आमदनी मिलती थी, मगर बंद दरवाज़ों के पीछे वो उनके साथ हैरतनाक  बर्ताव करता था। 

श्री नाबुलसी की बेटी  आएदा सेलिन ने अपने ८२ वर्षीय डेमेन्शिआ ग्रस्त पिता के शरीर पर जब कुछ घाव देखे तो उसे शक हुआ।  उन्होंने अपने पिता के शरीर पर कई नील देखे तो उन्होंने  पिता के कमरे में गुप्त कैमरा लगा दिया।  जब उन्होंने वो फुटेज देखी वो स्तब्ध रह गयीं।

रोते हुए उन्होंने चैनल ९ को बताया कि, " फुटेज में जो मैंने देखा वो दिल दहला देने वाला दृश्य था। उनके पिता को घूंसे मारे जा रहे थे, कपडे पहनाने के लिए ज़ोर से घसीटा जा रहा था और दो बार जूतों से वार किया गया।" ये हादिसे २६ और २९ अगस्त के बीच हुए थे। 

वो बताती हैं कि श्री नाबुलसी की हालत बिगड़ती जा रही थी , वो कमरे से बहार नहीं निकलना चाहते थे और भोजन भी नहीं करना चाहते थे। 

वैसे तो एज्ड होम में गुप्त कैमरा लगाना मनाई है मगर पुलिस का कहना है कि ये ग़लती उन आक्रमणों की तुलना में बहुत छोटी चूक  है.

कार्यरत डिटेक्टिव  इंस्पेक्टर गाय मैगी का कहना है कि बुज़ुर्गों के साथ अत्याचारों के मामले बहुत कम दर्ज होते हैं, "मगर मैंने फुटेज में जो देखा वो बेहद परेशान करने वाला दृश्य था , मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि उनके परिवार पर क्या बीती होगी।" 

आगे वो बोले कि "ये एक शर्मसार कायराना मामला था. मैं लोगों से निवेदन करता हूँ कि वे इस प्रकार के अपराधों की रिपोर्ट ज़रूर दर्ज करें".

इस फैसिलिटी के मैनेजर ने इस लापरवाही के लिए क्षमा मांगी है और बताया की प्रकाश को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है और प्रबंधन पुलिस के साथ पूरा सहयोग बरत रहा है. प्रकाश पौडयाल को मेनली पुलिस स्टेशन पर ले जाया गया था मगर ज़मानत पर रिहाई के बाद उसकी ११ सितम्बर को पेशी होगी।


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