बोल गुलजार के और आवाज उनकी जिन्हें ताज मिलेगा

शनिवार की शाम सिडनी के चैट्सवुड का जैनिथ थिएटर ऑस्ट्रेलिया में उभरते हिंदी गायकों की प्रतिभा का गवाह बना. मौका था 'प्रीतम आन मिलो' म्यूज़िक फेयर अवॉर्ड के फिनाले का जहां ऑस्ट्रेलिया में हिंदी गायन के चर्चित नाम जज की भूमिका में थे तो ऑडियंस के पास भी मौका था वोटिंग के ज़रिए 10 फाइनलिस्ट में से सर्वश्रेष्ठ गायक को चुनने का.

Sydney

Source: Gaurav Vaishnav

प्रतियोगिता का फिनाले शानदार रहा।. फिनाले हिंदी सिनेमा जगत के महान गीतकार गुलज़ार को समर्पित किया गया था. प्रतिभागियों ने… दिल हूं हूं करे… नैना ठग लेंगे… वो शाम कुछ अजीब थी.. और चुपके से लग जा गले जैसे गानों से लोगों का दिल जीत लिया. 

केवल भारत में ही नहीं बॉलीवुड दीवाने

इस म्यूज़िक कॉम्पीटीशन के फिनाले में पहुंचे प्रतिभागियों का संबंध केवल भारत से ही नहीं था, सूफियान का संबंध पाकिस्तान के पंजाब से है. पैट्रोलियम इंजीनियर के तौर पर ऑस्ट्रेलिया आए सूफियान का बॉलीवुड प्रेम इतना है कि वो बॉलीवुड गायन में अपनी जगह देखना चाहते हैं. सूफियान मानते हैं कि बंटवारा करने वालों ने भले ही दो देशों को बांट दिया लेकिन संगीत और कला को वो भी नहीं बांट पाए.
Sufian
सूफियान Source: Gaurav Vaishnav
उधर प्रतियोगिता में सबसे कम उम्र की प्रतिभागी दीक्षा मेनन फिजी से यहां आई हैं वो बताती हैं कि उनके पिता ने उन्हें हिंदी गायन के तरफ इस कदर मोड़ा है कि अब वो बस ज़िंदगी भर गाना ही चाहती हैं. 

 

वाकई स्पेशल हैं तनुज

इस आयोजन में तनुज ने स्पेशल गायक के तौर पर अपनी प्रस्तुति दी. आने वाला कल… गीत पर उन्होंने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. भले ही तनुज सीधे तौर पर प्रतियोगिता में भाग नहीं ले रहे थे लेकिन अपने गायन से उन्होंने साबित कर दिया कि वो किसी भी तरह से बाकी प्रतिभागियों से कमतर नहीं हैं.

बहुत मज़ेदार है बाकी प्रतिभागियों की कहानियां भी 

 मज़े की बात ये थी कि 10 फाइनलिस्ट में एक पति-पत्नी की जोड़ी भी थी अमित आनंद हम से ये ज़रूर छिपा गए कि उनके गायन की सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी पत्नी हैं जो काफी अरसे से गा रही हैं लेकिन अदिति ने राज़ ज़रूर खोल दिए। अदिति कहती हैं कि वो दोनों फाइनल तक पहुंचे हैं ये बड़ी उपलब्धि है.

बेंगालूरु से स्टूडेंट के तौर पर आठ साल बाद यहां पहुंचे विकास ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं. एक सवाल के जवाब में विकास कहते हैं कि अगर उन्हें बॉलीवुड में करियर बनाने का मौका मिलता है तो वो वापस भारत जाना चाहेंगे.
Vikas
विकास Source: Gaurav Vaishnav


फिल्म माचिस के पानी-पानी रे… गाने से दर्शकों का दिल जीतने वाली हिना ओबेरॉय तो केवल तीन महीने पहले ही दिल्ली से सिडनी आई हैं. हिना बताती हैं कि ऑस्ट्रेलिया आने पर उन्हें एक ही बात की चिंता थी कि उनका गाने का शौक कहीं ख़त्म ना हो जाए. हिना खुद को खुशकिस्मत मानती हैं कि यहां आते ही उन्हें ऐसा मौका मिला.
Hina
हिना Source: Gaurav Vaishnav
कैसे चुने गए फाइनलिस्ट

इस प्रतियोगिता में पहले प्रतिभागियों से 2 रिकॉर्डेड गाने मंगाए गए थे उनमें से कुछ प्रतिभागियों को ऑडिशन राउंड के लिए चुना गया था. ऑडिशन राउंड में प्रतिभागियों के वीडियो शूट कर यूट्यूब के ज़रिए देखा गया है  कि किसके वीडियो को लोगों ने ज्यादा पसंद किया. आम लोगों की ऑनलाइन पसंद और ऑडिशन राउंड के जजों के फैसले के आधार पर 10 फाइनलिस्ट को चुना गया था.

 अब फिनाले पूरा होने पर जजों और दर्शकों का वोट पेटी में बंद हो चुका है जिसका खुलासा 27 जनवरी को होगा.


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3 min read

Published

By गौरव वैष्णव


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