पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के एक बयान पर भारत में विवाद हो गया है. एक चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने कहा था कि प्रधानमंत्री को 'लोकतंत्र का थप्पड़' लगाना चाहती थी.
पुरुलिया जिले के रघुनाथपुर में एक रैली में बनर्जी ने बांग्ला में कहा, "मेरे लिए पैसा मायने नहीं रखता. इसीलिए जब नरेंद्र मोदी बंगाल आए और मेरी पार्टी पर तोलाबाजी का आरोप लगाया तो मैं उन्हें लोकतंत्र का एक थप्पड़ लगाना चाहती थी."
बनर्जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान का जवाब दे रही थीं जिसमें उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर 'तोलाबाज' होने का तंज किया था.
पिछले महीने एक रैली में नरेंद्र मोदी ने कहा था, "स्पीड ब्रेकर दीदी स्टिकर दीदी भी है. केंद्र की बीजेपी सरकार आपके लिए जो भी मदद भेजती है, दीदी उस पर अपना स्टिकर चिपका देती है. वह काम करने में यकीन नहीं रखतीं. बस योजनाओं पर स्टिकर चिपकाती हैं."
नादिया जिले में हुई इस रैली में मोदी ने कहा, "चाहे मुफ्त बिजली हो या केंद्र द्वारा बंगाल में गरीब परिवारों को मिलने वाला सस्ता राशन, दीद उन पर अपना स्टिकर चिपकाती हैं और ऊपर से तोलाबाजी टैक्स लगा देती हैं."
तोलाबाजी बांग्ला में लगभग अपशब्द माना जाता है. भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है. विदेश मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि ममता ने सारी हदें लांघ दी हैं.
उन्होंने ट्वीट किया, "ममता जी - आज आपने सारी हदें पार कर दीं. आप प्रदेश की मुख्यमंत्री हैं और मोदी जी देश के प्रधान मंत्री हैं. कल आपको उन्हीं से बात करनी है."
भारत के चुनावों में तीखी बयानबाजी हो रही है. लगभग सभी पार्टियों के नेता एक दूसरे पर निजी हमले और बयानबाजी कर रहे हैं. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान चर्चा में रहा जिसमें उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को 'भ्रष्टाचारी नंबर वन' बताया था.
राजीव गांधी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा था,''आपके पिताजी को आपके राज दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ मिस्टर क्लीन बना दिया था. लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नम्बर वन के रूप में उनका जीवनकाल समाप्त हो गया. नामदार यह अहंकार आपको खा जाएगा. ये देश गलतियां माफ करता है, मगर धोखेबाजी को कभी माफ नहीं करता.''
राहुल गांधी ने इसके जवाब में ट्वीट किया कि मोदीजी, लड़ाई खत्म हो गई है. उन्होंने लिखा, "मोदीजी, लड़ाई खत्म. आपके कर्म आपका इंतजार कर रहे हैं. आप अपने बारे में जो सोचते हैं, वैसा मेरे पिता के नाम पर कहने से आप बचेंगे नहीं. मेरी तरफ से आपको प्यार और झप्पी।"
राजीव गांधी की बेटी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी मोदी के इस बयान का जवाब ट्वीट से दिया था. उन्होंने कहा, "शहीदों के नाम पर वोट मांगकर उनकी शहादत को अपमानित करने वाले प्रधानमंत्री ने कल अपनी बेलगाम सनक में एक नेक और पाक इंसान की शहादत का निरादर किया। जवाब अमेठी की जनता देगी जिनके लिए राजीव गांधी ने अपनी जान दी। हां मोदीजी‘यह देश धोकेबाज़ी को कभी माफ नहीं करता’।"
कांग्रेस नेताओं की तरफ से भी कई तीखे बयान आते रहे हैं. पंजाब सरकार में मंत्री और पूर्व बीजेपी नेता नवजोत सिंह सिद्धू कई मौकों पर नरेंद्र मोदी के लिए तीखे शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं. इस हफ्ते एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा कि मोदी पकौड़ा और भगौड़ा स्कीम के लिए जाने जाएंगे.
सिद्धू ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो योजनाओं के लिए जाने जाएंगे. एक युवाओं के लिए पकौड़ा स्कीम और दूसरा भगौड़ा स्कीम." नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमलों के लिए सिद्धू को चुनाव आयोग से नोटिस भी मिल चुका है.
