रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भारतीय बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से बिटकॉइन और इस तरह की करंसी से डील नहीं करने को कहा है। आरबीआई की इस चेतावनी के बाद अब आप भारत में बैंक या ई-वॉलेट के ज़रिए वर्चुअल करंसी नहीं खरीद पाएंगे।
मनी लॉन्डरिंग बढ़ने का अंदेशा
अपनी ताज़ा क्रेडिट पॉलिसी में आरबीआई ने चिंता ज़ाहिर की कि मनीलॉन्डरिंग जैसे मामलों के बढ़ने के अंदेशे के चलते ये कदम उठाना ज़रूरी है। केन्द्रीय बैंक ने कहा कि उसे अपने ग्राहकों के हितों की चिंता है। इसके लिए बैंकों को क्रिप्टोकरंसी के मौजूदा लेन-देन को समेटने के लिए 3 महीने का वक्त दिया गया है.
केंद्रीय बैंक ला सकते हैं डिज़िटल करंसी
एनडीटीवी वेबसाइट के मुताबिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद डिप्टी गवर्नर बी पी कानूनगो ने कहा कि कई केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा लाने की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं. निजी डिजिटल करंसी से ठीक अलग इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि इसमें केंद्रीय बैंक की जवाबदेही होगी और यह करंसी मौजूदगा कागजी मुद्रा के अलावा होगी.
