पिथौरागढ़ ज़िले के सूचना अधिकारी गिरिजा जोशी बताते हैं कि ये दिल्ली की एक कंपनी हिमालयन रन एंड ट्रैक का अभियान था जिसमें 7 विदेशी पर्वतारोही शामिल थे साथ ही कंपनी के लाइज़न अधिकारी भी. 10 मई को ये दल अपने अभियान के तहत पिथौरागढ़ पहुंचा था. 25 मई को इन्हें नंदा देवी पर्वत चोटी से वापस बेस कैंप पहुंचना था लेकिन 25 तारीख तक जब 8 लोगों का ये दल वापस हीं पहुंचा तो बेस कैंप से इनके साथी स्थानीय प्रशासन तक पहुंचे और इनकी तलाशी का काम शुरू हुआ.

बताया जा रहा है कि इस टीम का नेतृत्व इंग्लैंड के मार्टिन मोरान कर रहे थे जो कि कई बार यहां इस तरह के पर्वतारोहण अभियान में शामिल हो चुके थे. इस दल में 4 इंग्लैंड के, 2 अमेरिकी और 1 ऑस्ट्रेलियाई पर्वतारोही थे. इस टीम के लाइज़न अधिकारी चेतन पांडे भारतीय हैं.

शुरूआती कुछ असफलताओं के बाद इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस और स्थानीय प्रशासन के खोजी दल को 3 जून को बर्फ में 5 शव दिखायी दिए. बताया जा रहा है कि ख़राब मौसम के चलते इन तक पहुंच पाना संभव नहीं हो सका और अब इन्हें निकालने के लिए सेना से भी संपर्क किया गया है. उधर बेस कैंप से सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है. जिसमें 4 पर्वतारोही भी शामिल हैं जो इन 8 लोगों के साथ नंदा देवी चोटी के लिए नहीं निकले थे. हालांकि शवों के मिलने के बाद भी बर्फबारी हुई है. लेकिन गिरिजा बताते हैं कि योजना बद्ध तरीके से इन शवों को निकाल लिया जाएगा.
