हमले के बाद भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने इसे एक नॉन मिलिट्री एक्शन बताया उन्होंने कहा कि ये सूचनाओं के आधार पर एक सीमित हमला था उन्होंने कहा कि जैश एक और हमले की फिराक़ में था.
खबरों के मुताबिक भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस कार्रवाई को लेकर चीन, बांग्लादेश, अफगानिस्तान सहित कई देशों में अपने समकक्षों से बात की है और अभी वो चीन में हैं जहां उन्होंने एक विदेश मंत्री स्तर की पूर्वनियोजित वार्ता में रूस और चीन के अपने समकक्षों के साथ बात की है. भारतीय मीडिया के मुताबिक स्वराज ने वहां भी कहा है कि भारतीय वायुसेना की ये कार्रवाई कथित आतंकी कैंप पर थी और इसे भड़काऊ कार्रवाई के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
साल 1971 की लड़ाई के बाद ये पहली बार था जबकि भारत ने पाकिस्तानी जमीन पर बम गिराए हैं. आपको बता दें कि दोनों के देशों के बीच मौजूदा स्थिति 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद सामने आई है जिसमें 40 से ज्यादा जवान मारे गए थे. उधर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के लोगों को एक जुट होने की बात कर रहे हैं.
पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने एक विस्तृत प्रेस कांफ्रेंस कर इस कार्रवाई को भारत का झूठ करार दिया है. उन्होंने कहा कि भारत के दावे अगर सही हैं तो फिर वहां आतंकी कैंप का मलबा और आतंकियों की लाशें कहां हैं.
उधर भारत में रक्षा मामलों के विशेषज्ञ और रिटायर्ड विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी कहते हैं कि भारतीय एयर फोर्स का ये एक सफल ऑपरेशन था. और इसके लिए किसी सबूत की ज़रूरत नहीं है क्योंकि इस ऑपरेशन जानकारी अब सभी को है. उन्होंने कहा कि ये एक नॉन-मिलिट्री स्ट्राइक थी जो कि एक कथित आतंकी कैंप को निशाना बनाकर की गई थी.
तनाव कुछ इस कदर है कि अब पाकिस्तान भारत पर जवाबी कार्रवाई की बात कर रहा है. उधर भारत के विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह ने पाकिस्तान को कुछ भी सोच-समझकर करने की हिदायत दी है.
