भारत से आए पत्रकारों के दल में शामिल ऋतु शर्मा और मिताली मुखर्जी से हमने उनके ऑस्ट्रेलिया दौरे और भारत में चल रही गतिविधियों के बारे में बात की. सबसे पहले हम इन दोनों पत्रकारों का पूरा परिचय आपसे करा दें. ऋतु इंडियन एक्सप्रेस में स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट हैं और मिताली एडिटर जी में बिज़नेस एडिटर हैं.
हमने जब वर्गीज़ रिपोर्ट पर उनके आंकलन के बारे में जानना चाहा तो ऋतु ने बताया कि इस पर हालांकि काम बहुत सुस्त गति से चल रहा है लेकिन देर से ही सही अब दोनों देशों की ओर से हलचल देखी जा रही है. उधर मिताली ने भी वर्गीज़ रिपोर्ट की तारीफ करते हुए कहा कि रिपोर्ट के सुझाव किस हद तक ज़मीन पर उतरकर आते हैं इस पर उनकी नज़र रहेगी.

आम चुनावों के बाद भारत के राजनीतिक परिदृश्य पर बात करते हुए मिताली मुखर्जी कहती हैं.
"लंबी चुनावी प्रक्रिया के बाद भारत में राजनीतिक स्थिरता का माहौल है लेकिन मोदी सरकार को अब काम करके दिखाना होगा. भारत में पिछले दो सालों से अर्थव्यवस्था पिछड़ती हुई नज़र आ रही है. पिछले कई दशकों की तुलना में बेरोज़गारी दर भी चरम पर है."
लेकिन मिताली मानती हैं कि कई ऐसे काम हुए हैं जिन पर एनडीए को वोट पड़ा है जिनमें ग्रामीण अंचलों के लिए कुछ योजनाएं और शौचालय जैसी योजनाएं अहम हैं.
ऋतु बताती हैं छात्रों के लिए यहां दी जाने वाली सुविधा की वजह से छात्रों को यहां आना ज्यादा अच्छा और आसान हो गया है.
वहीं सोशल मीडिया में आने वाली फेक न्यूज़ और भारतीय मीडिया पर सत्ता के नज़दीक होने के आरोपो पर पूछे सवालों का बेबाक जवाब देेते हुए मिताली ने माना कि ऐसा हो रहा है वो कहती हैं
"मैं ये मानती हूं कि पिछले कुछ सालों में मीडिया में मूल्य़ों का ह्रास हुआ है, मैं सोचती हूं कि इसके लिए टीवी न्यूज़ को ज्यादातर जिम्मेदार माना जाना चाहिए. सत्ता के लिए विपक्ष की भूमिका निभाने की बात अगर छोड़ भी दें तो जो विकास के मुद्दे हैं हम उसे भी पीछे छोड़ते जा रहे हैं."
उधर फेक न्यूज़ के मामले में ऋतु कहती हैं.
"जो मीडिया है, वो वो ही दे रही है जो लोग देखना चाहते हैं. मुझे लगता है कि समाज को ये तय़ करना है कि उन्हें क्या देखना है, इससे बचने के लिए उन्हें ही आगे आना होगा."
