27 वर्षीय कानून की स्नातक प्रिया सेराओ ऑस्ट्रेलिया भर की 28 महिलाओं को हराकर मिस यूनिवर्स ऑस्ट्रेलिया बन गई हैं.
मेलबर्न के सोफीटेल होटल में बीती रात यह प्रतियोगिता संपन्न हुई.
खिताब जीतने के बाद एसबीएस न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में प्रिया ने कहा कि उन्हें तो अभी तक यकीन नहीं हो रहा है कि वह खिताब जीत गई हैं.
उन्होंने कहा, "मैंने तो ऐसा सोचा भी नहीं था. मेरे पैरंट्स या परिवार में से कोई भी यहां नहीं था क्योंकि मुझे यकीन था कि मुझे कुछ नहीं मिलेगा."

प्रिया अपने आपको भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई कहलाने पर गर्व महसूस करती हैं. उनका जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ था. हालांकि उनका बचपन ज्यादातर खाड़ी देश ओमान और यूएई में बीता. वह 11 साल की थीं जब उनका परिवार ऑस्ट्रेलिया आ गया. तब से वह मेलबर्न में रह रही हैं.
प्रिया ने दो डिग्रियां हासिल की हैं. वह कला और कानून दोनों में डिग्रीधारक हैं और विक्टोरिया के रोजगार विभाग में पॉलिसी अडवाइजर के तौर पर काम करती हैं. अगले महीने वह प्रमाणित वकील बन जाएंगी.

ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने का विचार उन्हें भी यूं ही आ गया था लेकिन अब जबकि वह खिताब जीत गई हैं तो इस मंच का इस्तेमाल बड़े काम करने के लिए करना चाहती हैं. उनका मकसद सभी क्षेत्रों में विविधता को बढ़ाना है.
वह कहती हैं, "मीडिया, बिजनस, राजनीति हर क्षेत्र में विभिन्न रंगों के लोग होने चाहिए. हाल ही में मैंने पढ़ा था कि ऑस्ट्रेलिया में हर चौथा व्यक्ति विदेश में जन्मा है. यह बहुत बड़ी संख्या है. ऐसा हर क्षेत्र में होना चाहिए. मैं यह बदलाव लाना चाहती हूं."
प्रिया सेरायो को मिस्ट्री नॉवेल पढ़ना, बास्किटबॉल खेलना और हाइकिंग करना पसंद है.
ऑस्ट्रेलिया में ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीतने वालीं प्रिया सेरायो पहली भारतीय हैं. लेकिन अन्य देशों में भारतीय मूल की युवतियां ऐसा कर चुकी हैं. अमेरिका में नीना दावुलुरी ने 2013 में और जापान में प्रियंका योशीकावा ने 2016 में ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीते हैं.
