भारत के चुनावों में बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए को बड़ी सफलता मिली है. गुरुवार को जीत का जश्न मनाने के बाद अब लोग नेताओं की हार जीत की ओर भी देख रहे हैं. किसी को अपने संसदीय क्षेत्र में रुचि है तो किसी को बड़े-बड़े नेताओं के नतीजे जानने में. लेकिन कुछ ऐसी हस्तियां भी हैं जिन पर चुनाव प्रचार के दौरान. चुनावों के दौरान और अप उनके नतीजों पर भी सभी की नज़र है. ये हैं बॉलीवुड और छोटे पर्दे की बड़ी हस्तियां.
स्मृति ईरानी (बीजेपी) - जीतीं
हालांकि बहुत से फ़िल्मी सितारें हैं जो 17 वीं लोकसभा में दिखाई देंगे. लेकिन 2019 के इस चुनावी दौड़ में जो सबसे चमकदार सितारा रहा उनका नाम है स्मृति ईरानी.. स्मृति की चमक ने कांग्रेस पार्टी के सबसे चमकदार सितारे की चमक फीकी कर दी. राहुल गांधी हालांकि केरल के वायनाड से रिकॉर्ड चार लाख से भी ज्यादा मतों से जीते हैं. लेकिन स्मृति ईरानी ने उन्हें वहां हराया है जो कई वर्षों से गांधी परिवार का गढ़ कहा जाता है.. अमेठी में राहुल पिछले कई चुनावों में यहां से विजयी रह चुके थे. कांग्रेस और समूचे विपक्ष के लिए ये अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.
सनी देओल (बीजेपी) - जीते

अब बात ढाई किलो के हाथ की. हालांकि पहले से ही दमदार दिख रही बीजेपी के वज़न में ढाई किलो का पावर और बढ़ाने के लिए सनी देओल चुनावों के दौरान ही बीजेपी में शामिल हुए और उन्हें पार्टी की ओर से गुरदासपुर का टिकट भी दे दिया गया. लेकिन भारत की राजनीति और इस सीट के लिए ये नया नहीं था. इससे पहले साल 2014 के चुनावों में मरहूम विनोद खन्ना ने यहां से बीजेपी के टिकट पर ही जीत हासिल की थी. इस बार एक बार फिर बीजेपी की लहर ने एक और सितारे सनी देओल को गुरदासपुर से संसद में पहुंचा दिया है.
हेमा मालिनी (बीजेपी) - जीतीं

चलिए सनी देओल का नाम आते ही जो कहानी आपको एक्शन से भरपूर लग रही है उसे थोड़ा पारिवारिक बनाते हैं. बात करते हैं हेमा मालिनी की. हेमा एक बार फिर उत्तरप्रदेश के मथुरा से सांसद बनी हैं. हालांकि कयास लगाए जा रहे थे कि वहां इस बार उनको कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है कि लेकिन तमाम आशंकों को दरकिनार करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल के उम्मीदवार को 2 लाख 78 हज़ार से भी ज्यादा मतों से हराया. जिसका सीधा मतलब है कि धरम पा जी के घर इस बार दोहरा जश्न होगा.
शत्रुघ्न सिन्हा (कांग्रेस) - हारे

बहुत सालों से बीजेपी में दरकिनार चल रहे बॉलीवुड स्टार से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा हालांकि चुनावों के ठीक पहले अपने लिए सम्मान खोजते हुए कांग्रेस में ज़रूर चले गए थे. लेकिन इस बार जनता ने उन्हें संसद से किनारे कर दिया है. वो पटना साहेब से बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद के सामने थे. प्रसाद ने दो लाख अस्सी हज़ार से ज्यादा मतों के अंतर से जीत दर्ज की.
प्रकाश राज (स्वतंत्र उम्मीदवार) - हारे

अब बात प्रकाश राज की जो पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर काफी मुखर नज़र आ रहे थे. बकौल उनके वो देश में असहिष्णुता के खिलाफ़ काम कर रहे थे. शायद ये ही वजह रही कि उन्होंने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर बैंगलोर सैंट्रल से चुनाव लड़ा लेकिन शायद उन्हें इतनी करारी शिकस्त का अंदाज़ा तक नहीं था. उन्हें लगभग 29 हज़ार वोट ही मिले और वो तीसरे स्थान पर रहे हालांकि उनके और पहले दो उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर 5 लाख से भी ज्यादा का था. अपनी हार पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ये उनके चेहरे पर एक बड़ा तमाचा था.
जया प्रदा (बीजेपी) - हारीं

अब बात जया प्रदा की कभी समाजवादी पार्टी की शान रहीं जया प्रदा.. इस बार बीजेपी के टिकट से समाजवादी पार्टी के ही दबंग नेता आज़मख़ान को पटखनी देने के इरादे से उत्तरप्रदेश के रामपुर के चुनावी मैदान में उतरीं थीं. चुनावों के दौरान इल्ज़ामों, आपसी संबंधों और एक दूसरे को नीचा दिखाने का नाटकीय घटनाक्रम भी देखने को मिला.. लेकिन साबित हो गया कि रामपुर में आज़मखान को हराना इतना आसान नहीं है. आज़म खान ने एक लाख से ज्यादा मतों से जीत हासिल की.
उर्मिला मातोंडकर (कांग्रेस) - हारीं

एक और चर्चित अभिनेत्री इस बार चुनावी मैदान में थी. चुनावी मैदान था उत्तरी मुंबई का. यहां हाल-फिलहाल में कांग्रेस में शामिल हुई अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर बीजेपी के गोपाल शेट्टी के सामने थीं. नतीजा वो ही रहा जिसकी सबको उम्मीद थी. गोपाल शेट्टी ने लगभग 5 लाख मतों से जीत हासिल की
राज बब्बर (कांग्रेस) - हारे

पहले एक अच्छे अभिनेता और फिर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का बड़ा चेहरा बने राजबब्बर भी इस बार संसद नहीं पहुंच पाएंगे. हार अलग बात है लेकिन बड़ी हार वो भी कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष की बीजेपी खेमे में खुशी का एक बड़ा कारण बनी. बीजेपी के राजकुमार चाहर ने राज बब्बर को करीब 5 लाख मतों से हराया.
मुनमुन सेन (ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस) - हारीं

क्या मुनमुन सेन आपकी भी पसंदीदा अभिनेत्री हैं. आपके उत्तर का इंतज़ार किए बिना हम आपको ये बता दें कि फिलहाल इस बार तो आसनसोल के मतदाताओं को मुनमुन सेन में एक अच्छी नेत्री नहीं दिखी. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरी मुनमुनसेन को बीजेपी के उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो ने मात दी.
किरण खेर (बीजेपी) - जीतीं

चंडीगढ़ में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी किरण खेर और उनके अभिनेता पति अनुपम खेर से चुनाव प्रचार के दौरान सवाल पूछे जाने का एक वीडियो खूब वायरल हुआ था. तब लोग कयास लगाने लगे थे कि किरण खेर के लिए ये चुनाव भारी पड़ने वाला है. लेकिन नताजों ने इन बातों को सिरे से खारिज कर दिया. कांग्रेस के पवन कुमार बंसल को हराते हुए किरण ने एक और जीत दर्ज की है.
