भारत अपने नए पासपोर्ट में चिप लगाकर उसे इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट बनाने की दिशा में काम कर रहा है.
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि उनका मंत्रालय नागरिकों को इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए इंडिया सिक्यॉरिटी प्रेस से बातचीत शुरू कर चुका है.
विदेश मंत्री दिल्ली में पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर बोल रहे थे. बतौर विदेश मंत्री अपने पहले संबोधन में डॉ जयशंकर ने कहा, “विदेश मंत्रालय ने इस योजना के संबंध में इंडिया सिक्यॉरिटी प्रेस से बातचीत शुरू कर दी है. हमने प्राथमिकता से ई-पासपोर्ट बनाने का प्रस्ताव रखा है ताकि निकट भविष्य में आधुनिक सुरक्षा फीचर वाला पासपोर्ट जारी किया जा सके.”
टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री ने देश के हर लोकसभा क्षेत्र में एक पासपोर्ट सेवा केंद्र बनाने का भी वादा किया. उन्होंने कहा, “हमारे दोनों मंत्रालय (विदेश और संचार) जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं ताकि उन पासपोर्ट सेवा केंद्रों का समय से पहले ही उद्घाटन हो सके, जिनका ऐलान हो चुका है. जरूरी अध्ययन के बाद हम और पासपोर्ट सेवा केंद्रों का ऐलान करेंगे.”
विदेश मंत्री ने बताया कि भारत में हर साल एक करोड़ नए पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं.
पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर देश के विभिन्न सेवा केंद्रों को उल्लेखनीय कार्य के लिए पुरस्कार दिए गए. जालंधर पासपोर्ट सेवा केंद्र को सर्वश्रेष्ठ केंद्र का पुरस्कार मिला. कोच्चि दूसरे और कोयंबटूर तीसरे स्थान पर रहे.
डॉ. जयशंकर ने कहा कि पासपोर्ट के लिए विदेश मंत्रालय का नया नारा है – पासपोर्ट – सुधार, विस्तार और आपके द्वार.
