केंद्र सरकार ने देशभर के उन 13 हजार चाइल्ड केयर सेंटर को मदद करने की योजना बनाई है जो कोरोनावायरस महामारी के दौरान काम कर रहे हैं.
विशेषः
- जो लोग अपने बच्चों को चाइल्डकेयर भेजना चाहते हैं, उनसे फीस नहीं ली जाएगी.
- सरकार चाइल्ड केयर सेंटर को फीस में मदद देगी.
- 6 अप्रैल से यह व्यवस्था शुरू होगी.
प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि मौजूदा दौर में जो लोग काम कर रहे हैं और दफ्तर जा रहे हैं, उनके लिए चाइल्ड केयर एक जरूरी सेवा है.
उन्होंने कहा, "चाइल्डकेयर और अर्ली एजुकेशन बेहद अहम है. खासतौर पर उन लोगों के लिए जो रोज काम पर जा रहे हैं और इस मुश्किल समय में भी काम कर रहे हैं."
नई योजना के तहत रविवार रात से नई चाइल्ड केयर व्यवस्था शुरू हो जाएगी.
शिक्षा मंत्री डैन टेहन ने एक बयान जारी कर बताया है कि जो सेंटर खुले रहेंगे और परिवारों से फीस नहीं लेंगे, सरकार उनकी मदद करेगी.
उन्होंने कहा, "सरकार सेंटर के कुल रेवन्यू का आधा हिस्सा अदा करेगी. यह योजना छह अप्रैल से लागू होगी. दो मार्च तक जितने बच्चे सेंटर आ रहे थे, इसके आधार पर मदद की राशि तय होगी. उसके बाद भले ही वे बच्चे सेंटर आए हों या नहीं."
इस व्यवस्था की एक महीने बाद समीक्षा की जाएगी. सरकार प्रीस्कूलों को भी 2021 में 453.2 मिलियन डॉलर की मदद देगी.
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ऑस्ट्रेलिया में लोगो को एक-दूसरे से कम से कम 1.5 मीटर का फासला रखने की सलाह दी जा रही है. साथ ही केवल दो लोगों को ही एक साथ रहने की इजाज़त है बशर्ते कि वो अपने परिवार या घर वालों के साथ नहीं हैं.
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