बड़ा चूना लगने से बाल-बाल बचा एक भारतीय रेस्तरां

एडिलेड स्थित एक भारतीय रेस्तरां क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के मामले में फंसने से बाल-बाल बचा.

Ms Bhardwaj at work in Curry Lounge.

Source: Supplied to SBS Punjabi

'करी लाउंज' नाम के इस रेस्तरां की मैनेजर ने SBS Punjabi को जो बताया वो छोटे व्यवसायियों के लिए सीख लेने वाली बातें हैं.

दरअसल एडिलेड का भारतीय रेस्तरां एक क्रेडिट कार्ड से पेमेंट प्रोसेस करने के मामले में फाइन लगने से बाल बाल बचा. रेस्तरां की मैनेजर ऋतु भारद्वाज ने बताया कि बीते 11 नवंबर को उनके रेस्तरां के ई मेल पर एक मेल आया. यह ई-मेल विलियम स्मिथ के नाम से था लेकिन मेल के अंदर भेजने वाले ने अपना नाम एंड्रयू बारबर्न लिखा था.

ऋतु कहती हैं, “एंड्रयू ने लिखा कि वो भी एडिलेड से हैं और एक शादी की सालगिरह की पार्टी में करीब 60 लोगों के लिए भारतीय खाना ऑर्डर करना चाहते हैं. उन्होंने पूछा कि क्या रेस्तरां में क्रेडिट कार्ड से पेमेंट होता है. ये एक अक्सर पूछा जाने वाला सवाल था तो हमने उसे ई-मेल पर मैन्यू भेज दिया.”

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Receipts of money transferred to Curry Lounge's account. Source: Supplied

वह आगे बताती हैं कि “ऐंड्रयू ने कुछ डिशेज़ चुनी और ऑर्डर दिया. हमने उसे $1020 का बिल बताया, फिर उसने ईमेल से क्रेडिट कार्ड डीटेल भेजकर पेमेंट करने की बात कही. हालांकि इस पर भी हमारे दिमाग में ख़तरे की घंटी नहीं बजी, क्योंकि किसी को इस तरह अपने क्रेडिट कार्ड की डीटेल देना सामान्य बात नहीं है.”

ऋतु के मुताबिक इसके बाद रेस्तरां ने उसके क्रेडिट कार्ड से पेमेंट कर दिया और उनके अकाउंट में पैसे आ भी गए. फिर एंड्रयू बारबोर्न ने एक और मेल किया और बताया कि वह देश में मौजूद नहीं है और इस वक्त अपना कैंसर का इलाज करा रहा है तो क्या रेस्तरां एक फूल सजावट वाले को $1390 का भुगतान कर सकता है? उसने बताया कि उस शख्स के पास क्रेडिट कार्ड पेमेंट की कोई सुविधा नहीं है. उसने कहा कि ऑर्डर वाले दिन ये ही फूल वाला खाना भी ले जाएगा. इतना सब होने के बाद भी किसी को उस पर शक नहीं हुआ. ऋतु के मुताबिक उन्हें लगा कि वह एक कैंसर पीड़ित की मदद कर रहे हैं.

बाद में उनके बैंक से उन्हें बताया कि ये कार्ड ऑस्ट्रेलिया का नहीं है और क्या उन्होंने कार्ड धारक का कोई पहचान पत्र देखा है या क्या उन्होंने रिसिप्ट पर कोई साइन लिए हैं. लेकिन ये सारा काम तो मेल के जरिए हुआ था. जब रेस्तरां की ओर से उस शख्स को इस बारे में मेल किया गया और पूछा गया कि क्या वो रेस्तरां में आकर पेमेंट कर सकता है तो उसके बाद से इस शख्स का कोई मेल नहीं आया.

ऋतु बताती हैं कि मामला यहीं नहीं थमा. कुछ दिन बाद एक और मेल आया लेकिन अब ऋतु सावधान हो चुकी हैं.

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Published

By Ruchika Talwar



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