भारत की राजधानी दिल्ली में एयरपोर्ट के करीब रहने वाले लोगों की शिकायत है कि उनके घरों के ऊपर से गुजरने वाले विमान मानव मल बरसा रहे हैं.
इंडिया टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक पर्यावरण के मामलों से जुड़ी अदालत नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इस पर एक विशेष कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी जांच करेगी कि जिस पदार्थ को मानव मल कहा जा रहा है, वह पंछियों की बीट तो नहीं है.
इसके अलावा, एनजीटी ने डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन को निर्देश दिया है कि विमानों की लैंडिंग के वक्त औचक जांच की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विमान हवा में ही मानव मल से भरे टैंक खाली तो नहीं कर रहे हैं.
पिछले साल भी इसी इलाके में रहने वाले लोगों ने ऐसी शिकायत की थी जिसके बाद एनजीटी ने आदेश दिया था कि यदि किसी विमान को ऐसा करता पाया गया, तो एयरलाइन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.
मानव मल को विमान के निचले तले में जमा किया जाता है और लैंडिंग के बाद उस टैंक को खाली कर दिया जाता है.
