उत्तर प्रदेश की श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सुनील भराला ने एक ट्वीट कर कहा है, "सरकार प्रदूषण को रोकने के लिए अपना काम कर रही है पर हमें अपने भगवान इंद्र देव को भी मनाना चाहिए वह बरसात करेंगे प्रदूषण मुक्त हो जाएगा."
दिल्ली में रविवार को प्रदूषण के स्तर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे जिसके बाद जनसेवा आपातकाल घोषित कर दिया गया और स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए.
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता का स्तर AQL 900 पर पहुंच गया था. AQL 500 को खतरनाक प्लस लेवल माना जाता है. इस कारण करीब चार करोड़ दिल्लीवासियों का स्वास्थ्य खतरे में माना जा रहा है.
हवा की पारदर्शिता भी प्रभावित हुई है और 30 से ज्यादा उड़ानों का रास्ता दिल्ली से बदल दिया गया.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा कि केंद्र सरकार को फौरन कदम उठाने चाहिए.
उन्होंने कहा, "उत्तर भारत प्रदूषण असहनीय स्तर पर पहुंच गया है. दिल्ली सरकार ने कई कदम उठाए हैं. दिल्लीवासियों ने बलिदान किए हैं. और वे बिना कोई गलती किए सजा भुगत रहे हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री भी चिंतित हैं. केंद्र सरकार को फौरन कदम उठाने चाहिए."
दिल्ली में रहने वाले 17 हजार लोगों से बातचीत के आधार पर किए गए एक सर्वे में 40 फीसदी लोगों ने कहा कि वे प्रदूषण के कारण दिल्ली छोड़ना चाहते हैं.
