सोशल सर्विसेज मंत्री ऐन रस्टन ने इस बात की पुष्टि की है कि सरकार आर्थिक दबाव में जी रहे अस्थायी निवासियों की मदद पर विचार कर रही है.
ज्यादातर अस्थायी आप्रवासी वेलफेयर सपॉर्ट के हकदार नहीं होते. इनमें से बहुत से लोग कोरोनावायरस महामारी के कारण अपनी नौकरियां खोने या काम के घंटे कम होने जैसी स्थितियां झेल रहे हैं.
खास-खास बातेंः
- एक अनुमान के मुताबिक देशभर में करीब 15 लाख लोग अस्थायी वीसा पर हैं.
- स्थायी निवासियों और नागरिकों को विशेष आर्थिक मदद दी गई है.
एक अनुमान के मुताबिक देशभर में करीब 15 लाख लोग अस्थायी वीसा पर हैं, जिन्हें सरकारी सुविधाएं प्राप्त नहीं हैं.
ऐन रस्टन ने मंगलवार को मीडिया को बताया, “अभी मैं उन सभी वीसाधारकों की मदद के विकल्पों पर काम कर रही हूं.”
सेनेटर रस्टन ने कहा कि मंत्री होने के नाते उन्हें वीसा धारकों को विशेष सहयोग देने का अधिकार है.

महामारी के कारण बढ़े आर्थिक दबाव के बीच सरकार ने गरीब लोगों की मदद के लिए विशेष प्रावधान किए हैं.
लेकिन इन प्रावधानों में ज्यादा अस्थायी वीसा धारक शामिल नहीं हैं.
स्पेशल कैटिगरी वीसा पाए लोग जो फरवरी 2001 से पहले ऑस्ट्रेलिया आए थे, उन्हें ही वेलफेयर पेमेंट मिल सकती हैं.
माइग्रेशन काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सीईओ कार्ला विलशर ने एसबीएस तको बताया कि इस संकट के समय में अस्थायी वीसा धारकों को ज्यादा मदद की जरूरत है.
वह कहती हैं, “ऐसा समय पहले कभी नहीं आया लिहाजा हमें ऐसी नीतियों के बारे में सोचना होगा जिनकी पहले जरूरत नहीं पड़ी.”
यह भी चिंता है कि यात्राओं पर लगे प्रतिबंधों के कारण बहुत से लोग ऑस्ट्रेलिया में फंस गए हैं और उनके पास कोई संसाधन नहीं हैं. इसलिए ऐसे लोगों को भी मदद की जरूरत होगी.

सुश्री विल्शर ने इस बात पर संतोष जताया कि सरकार अस्थायी वीसा धारकों की मदद के लिए विचार कर रही है.
लेबर पार्टी ने भी इस संबंध में सरकार को एक पत्र लिखा है.
विपक्ष के बहुसांस्कृतिक मामलों के मंत्री ऐंड्रयू जाइल्स कहते हैं कि संकट के दौरान सभी अस्थायी निवासियों के लिए मदद मुहैया कराने की जरूरत है.
एसबीएस से बातचीत में उन्होंने कहा, “वायरस तो किसी का वीसा नहीं जांचता. हमें सबको यह तसल्ली दिलानी होगी कि मुसीबत आई तो उनके लिए मदद उपलब्ध होगी.”
हालांकि सरकार ने मेडिकेयर जैसी सरकारी सुविधाओं के लिए वेटिंग पीरियड पहले से हटा दिया है.
यानी हाल ही में आए लोग भी वेलफेयर पेमेंट पा सकते हैं.
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