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गुजरात: गोहत्या के दोषी को 10 साल कैद

गुजरात के राजकोट जिले की एक अदालत में एक व्यक्ति को बछड़ा काटने के लिए 10 साल की कैद सुनाई गई है.

Patrolling With India's Cow Protection Vigilantes
Members of a 'cow vigilante' group look into the back of a truck in India. The driver fled and around a dozen cows were found in the back of the truck. Source: Getty Images AsiaPac

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गुजरात के राजकोट जिले की एक अदालत में एक व्यक्ति को बछड़ा काटने के लिए 10 साल की कैद सुनाई गई है. सलीम मकरानी नाम के इस व्यक्ति पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अडिश्नल जिला और सेशंस जज एच के दवे ने शनिवार को सलीम मकरानी को गुजरात ऐनिमल प्रिजरवेशन (अमेंडमेंट) ऐक्ट 2017 के तहत सजा सुनाई.

गोहत्या में सजा का यह भारत में संभवतया पहला मामला है. इस मामले में इसी साल जनवरी में सत्तार कोलिया नामक व्यक्ति की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी. अपनी शिकायत में कोलिया ने आरोप लगाया था कि सलीम मकरानी ने बछड़ा चुराया, उसे काटा और फिर उसका मांस बेटी की शादी में परोसा.

गवाहों के बयान और फॉरेंसिक जांच के आधार पर अदालत ने मकरानी को दोषी पाया.

गुजरात सरकार ने 2017 में गुजरात ऐनिमल प्रिजरवेशन ऐक्ट 1954 में संशोधन किया था ताकि इसे और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सके. इसके तहत रात के वक्त गायों को लाना-ले जाना, और गोहत्या को अपराध घोषित किया गया था. गोमांस की बिक्री और भंडारण भी इस कानून के तहत अपराध है. संशोधन के तहत गोहत्या की सजा सात साल से बढ़ाकर दस साल कर दी गई थी और जुर्माने की राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपया की गई थी.

अदालत ने सलीम मकरानी को अधिकतम सजा सुनाई है.

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