कहानी कर्नाटक के नान्जांगुड की है, जहां एक गांव में एक गधे ने लोगों का जीना मुहाल किया हुआ था. गधा दिन भर तरह तरह की आवाज़े निकालता जिससे आस पास के लोग परेशान थे.. इन लोगों ने दिन रात के गर्दर्भ राग से छुटकारा पाने के लिए काऱण खोजना शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद ये लोग इस नतीजे पर पहुंचे कि इस गधे की संगिनी का स्वर्गवास हो गया था.. और उसके बाद से गधा लोगो को आवाज़ें निकाल कर परेशान करता था.. और दुलत्तियां मारता था.

दरअस्ल उस गधी को एक बाघ खा गया था. लेकिन लोग ये अंदाजा नहीं लगा पाए कि आखिर इस वियोग की वजह से गधा भी इतना परेशान हो सकता है.
फिर क्या था, तलाश शुरू हुई एक सुवधू की.. एक सुंदर गधी तलाशी गई, दूल्हा दूल्हन को खूब सजाया गया. पंडित जी को भी बुलाया गया.. फिर निकली बैंड बाजा के साथ बारात, मिठाईयां बांटी गई. और इस तरह सम्पन्न हुआ गधे का दूसरा शुभ विवाह.
बधाई हो खुश किस्मत गधे और उसकी दुल्हन को.
