चंडीगढ़ के सेक्टर 33 के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं क्लास के हर्षित शर्मा ने दावा किया था कि उन्हें गूगल की ओर से नौकरी का ऑफर है और सैलरी भारतीय रुपयों में 1.44 करोड़ रुपये सालाना होगी.
गूगल ने कहा है कि ऐसी कोई नौकरी नहीं दी गई है और कंपनी स्कूलों से किसी को नौकरी नहीं देती.
गूगल ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "फिलहाल हमारे पास किसी हर्षित शर्मा के बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं है."
हर्षित शर्मा की खबर को भारतीय अखबारों ने खूब जगह दी थी. इन खबरों में दावा किया गया था कि 16 साल के हर्षित को 12 लाख रुपये महीना पर गूगल ने ग्रैफिक डिजाइनर के रूप में नौकरी दी है. हर्षित ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि वह 7 अगस्त को कैलिफॉर्निया जा रहे हैं जहां पहले एक साल की ट्रेनिंग होगी. हर्षित ने दावा किया था कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें चार लाख रुपये महीना मिलेंगे.
हर्षित शर्मा हरियाणा में कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं और उनके माता-पिता शिक्षक हैं.
