तमिलनाडू हाउसिंग बोर्ड की एक अपील पर सुनवाई के दौरान मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि क्यों ना एनआरआई लोगों भारत में संपत्ति खरीदने पर रोक लगा दी जाए. हाई कोर्ट ने दूसरा घर खरीदने पर सौ फीसदी स्टांप ड्यूटी लगाने का भी सुझाव दिया.
समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक भारत में सभी के लिए घर सुनिश्चित करने के वास्ते कदम उठाए जाने की बात के दौरान अदालत ने ये टिप्पणियां कीं. केंद्र सरकार से कोर्ट ने कई सवाल पूछे हैं. जैसे कि कितने लोगों के पास अपने घर की सुविधा है और सरकार का 'सबके लिए घर' अभियान कब पूरा होगा.

सुनवाई के दौरान जस्टिस एन किरुबाकरन और जस्टिस अब्दुल कुद्दोस की बेंच ने कहा, "घरों की कीमतें काबू करने के लिए सरकार क्यों नहीं इस तरह की पाबंदियां लगाने के बारे में सोचती?"
"जब तक सबके लिए घर का अभियान पूरा नहीं हो जाता तब तक क्यों नहीं लोगों के एक से ज्यादा घर खरीदने पर पाबंदी लगा दी जाए? क्यों नहीं दूसरे घर पर 100 फीसदी ज्यादा स्टांप ड्यूटी ली जाए ताकि लोग दूसरा घर खरीदने से परहेज करें?"
साथ ही कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि विदेशों में रह रहे भारतीयों के भारत में घर खरीदने पर रोक क्यों ना लगा दी जाए ताकि प्रॉपर्टी की कीमतें कम हों.
बेंच ने टिप्पणी की, "लाखों लाख लोग रेलवे प्लैटफॉर्म, सड़क, सीमेंट के पाइप, गंदी बस्तियों और पेड़ों के नीचे रहते हैं. उनके पास ना सुरक्षा है ना मूलभूत जरूरतें. सबके लिए घर का अभियान जल्द पूरा होना चाहिए."
तमिलनाडू हाउसिंग बोर्ड ने एक अन्य फैसले को चुनौती दी है जिसमें एक हाउसिंग स्कीम के लिए 369 एकड़ निजी जमीन के अधिग्रहण पर रोक लगा दी गई है.
