इंटरनैशनल स्टूडेंट्स में अनचाहे गर्भ के मामलों में बड़ी वृद्धि

ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने आए इंटरनैशनल स्टूडेंट्स में अनचाहे गर्भ के मामले बढ़ रहे हैं.

University graduates

University graduates Source: AAP

बहुत से दूसरे चीनी स्टूडेंट्स की तरह ली की सेक्स एजुकेशन हाई स्कूल खत्म होने के बाद ही शुरू हुई.

एसबीएस न्यूज से बातचीत में ली बताती हैं, "जो स्कूल की किताबों में बताया गया, बस उतना ही था. कभी-कभार हमारे शिक्षक थोड़ी-बहुत जानकारी दे देते हैं लेकिन विस्तार में कोई नहीं बताता."

ऐसे में मेलबर्न यूनिवर्सिटी में पढ़ने वालीं 21 साल की ली को पिछले साल जब पता चला कि वह प्रेग्नेंट हैं तो उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया.

वह कहती हैं, "मैं बहुत उलझन में पड़ गई थी."

Có thai ngoài ý muốn là nỗi ám ảnh của nhiều du học sinh
Representative image Source: Pixabay

ली ने ऑस्ट्रेलिया में अबॉर्शन कराने के अपने पूरे अनुभव के बारे में चीन की सोशल मीडिया वेबसाइट वाइबो पर विस्तार से लिखा है क्योंकि वह "अपने जैसी दूसरी स्टूडेंट्स की मदद करना चाहती हैं."

ऑस्ट्रेलिया में ऐसे अनुभवों से गुजरने वाले इंटरनैशनल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रही है.

सेक्शु्अल और रीप्रोडक्टिव हेल्थ सर्विस उपलब्ध कराने वाली संस्था मारी स्टोप्स ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक सालाना करीब 4000 इंटरनैशनल स्टूडेंट्स ऑस्ट्रेलिया में अबॉर्शन कराते हैं.

मेलबर्न स्थित फर्टिलिट कंट्रोल क्लिनिक के मुताबिक कम से कम एक इंटरनैशनल स्टूडेंट उनके पास जरूरत आती है. क्लिनिक की प्रैक्टिस मैनेजर और काउंसलर जैनिस नजेंट कहती हैं, "इंटरनैशनल स्टूडेंट हमारे मरीजों में एक बड़ी संख्या है."

ऐडिलेड यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन में भी यह बात सामने आई थी कि ऐडिलेड के विमिंज ऐंड चिल्ड्रंज हॉस्पिटल में होने वाले अबॉर्शन में से हर तीसरा मामला इंटरनैशनल स्टूडेंट्स का था.

ऑस्ट्रेलिया में इंटरनैशनल स्टूडेंट्स की संख्या लगातार बढ़ रीह है. पिछले साल के पहले 11 महीनों के दौरान 620000 इंटरनैशनल स्टूडेंट्स ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे थे. इनमें से करीब एक तिहाई (184,000) चीन से आए. भारत (68,227), नेपाल (28,535), मलयेशिया (25,898) और ब्राजील (23,748) से आने वाले स्टूडेंट्स भी बड़ी तादाद में हैं.

इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए यह चिंता बढ़ रही है कि इन स्टूडेंट्स को सेफ सेक्स के बारे में जागरूक किया जाए.

International students in Australia.
Source: Reuters

इंटरनैशनल स्टूडेंट सेक्शुअल हेल्थ नेटवर्क की अध्यक्ष ऐलिसन कोएलो कहती हैं कि अनचाहे गर्भ से प्रभावित ज्यादातर स्टूडेंट्स दक्षिण-पूर्व एशिया या अफ्रीका से होती हैं जहां सेक्स एजुकेशन की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं मानी जाती.

कोएलो कहती हैं, "उन्हें वहां उस तरह की सेक्स एजुकेशन नहीं दी जाती, जैसी कि हम यहां अपने स्कूलों में बच्चों को देते हैं. हम मानकर चलते हैं कि दसवीं क्लास पास करके आए बच्चे सेक्स के बारे में जागरूक होते हैं लेकिन बहुत से मामलों में यह सच नहीं है."

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By Min Luo



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