46 साल के कुलभूषण यादव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने भारत का जासूस करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है. पाकिस्तान ने कहा है कि जाधव के पास सजा के खिलाफ अपील के लिए दो महीने का वक्त है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि तीन महीने तक चले मुकदमे के बाद जाधव को सजा सुनाई गई है और कानून का कोई उल्लंघन नहीं हुआ.
आसिफ ने पत्रकारों से कहा, "हमने देश के सारे नियम-कानूनों का पालन किया है."
भारत ने जाधव को मौत की सजा सुनाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की थी. मंगलवार को भारत ने कहा था कि पाकिस्तान ने अगर इस सजा को अंजाम दिया तो इसे एक भारतीय नागरिक की 'सोची-समझी हत्या' माना जाएगा. भारत सरकार ने देश की संसद को भरोसा दिलाया है कि जाधव की रिहाई के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी.
पाकिस्तान का कहना है कि जाधव भारतीय जासूसी एजेंसी रॉ के एजेंट हैं जिन्हें ईरान से पाकिस्तान में घुसते हुए बालोचिस्तान में गिरफ्तार किया गया. भारत इस दावे को नकारता है. उसका कहना है कि जाधव भारतीय नौसेना में जरूर थे लेकिन उनका सरकार से कोई संपर्क नहीं है. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था.
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