कानूनी कारणों से इस व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं की जा सकती. लेकिन इसने मारूचीडोर मैजिस्ट्रेट कोर्ट में अपना गुनाह कबूल किया है.
सुनवाई के दौरान जब इस व्यक्ति ने कहा कि उसे ऑस्ट्रेलिया में मामले की गंभीरता का पता नहीं था तो मैजिस्ट्रेट मैक्सीन बाल्डविन ने सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर आपको यह नहीं पता है कि ऑस्ट्रेलिया में घरेलू हिंसा को कितनी गंभीरता से लिया जाता है तो शायद आपको दुनिया में कुछ भी नहीं पता है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि इस व्यक्ति की शादी माता-पिता की मर्जी से हुई थी. उसने कोर्ट को बताया, "मैं भारत गया और शादी करके लौट आया. यह सब 28 दिन के भीतर हुआ था."
लेकिन शादी के चार महीने बाद ही परेशानियां शुरू हो गईं. व्यक्ति जो कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है, साउथ ईस्ट क्वीन्सलैंड में रह रहा था.
पुलिस प्रॉसीक्यूटर सार्जेंट फिलिप स्टीफन्स ने नौ महीने की सजा की मांग करते हुए कहा कि आरोपी ने अपनी पत्नी को थप्पड़ मारा, उसे बाल पकड़कर खींचा, उसका सिर बेड पर पटका और जान से मारने की धमकी दी.
आरोपी की वकील आना स्मिथ ने कोर्ट से कहा कि उनका मुवक्किल दबाव में था और उसे अपने किए पर पछतावा है.
जज बाल्डविन ने आरोपी को छह महीने की सजा सुनाई है जिसे दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया है. उसे घरेलू हिंसा रोकथाम प्रोग्राम में हिस्सा लेने को भी कहा गया है.
