जन्मने से पहले बिक रहे हैं भारतीय सेक्स वर्कर्स के बच्चे: कार्यकर्ता

मुंबई के रेड लाइट डिस्ट्रिक्ट में सेक्स वर्कर्स के बच्चे मानव तस्करों के निशाने पर हैं. सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं कि ये तस्कर सेक्स वर्कर्स को ललचाने से लेकर मजबूर करने तक हर तरह के तरीके आजमा रहे हैं.

An Indian sex worker stands in the Kamathipura

An Indian sex worker stands in the red light district of Kamathipura in Mumbai. Source: PUNIT PARANJPE/AFP/Getty Images

मानव तस्करी के खिलाफ काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आशंका है कि भारत में ये तस्कर बच्चे खरीदने के लिए नए-नए तरीके आजमा रहे हैं. सेक्स वर्कर्स के बच्चों के लिए रैन बसेरा चलाने वाली सामाजिक संस्था प्रेरणा ने अपनी जांच में पाया है कि पिछले सात महीनों में कम से कम चार बच्चे बेचे गए हैं. प्रेरणा के सहसंस्थापक प्रवीण पाटकर बताते हैं, "पहले ऐसे मामले बहुत कम होते थे. सेक्स वर्करों के प्रेग्नेंट होने पर फैसला वेश्यालयों को चलाने वालीं मैडम करती थीं. और अक्सर वे सेक्स वर्कर्स को लड़कनी जनने की उम्मीद में बच्चे पैदा करने देती थीं. बच्चों को मांओं से अलग रखा जाता था लेकिन उन्हें बेचा नहीं जाता था. लेकिन अब दलाल बहुत ज्यादा ताकतवर हो गए हैं. वे बच्चे खरीदने वालों के लिए बिचौलियों का काम करते हैं. जहां भी असुरक्षित बच्चे हैं वहां एक अंडरग्राउंड नेटवर्क काम कर रहा है."

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि देश में बच्चा गोद लेना चाहने वालों की एक लंबी कतार है और यह लंबी कतार ही तस्करी के गिरोहों के लिए खाद का काम करती है. ऐसा पहले भी होता रहा है लेकिन रेड लाइट डिस्ट्रिक्ट पर दलालों की नजर नई पड़ी है. पहले ये तस्कर गरीब लोगों, बिनब्याही मांओं या चुराए गए बच्चों को निशाना बनाते थे. लेकिन अब इनके तौर-तरीके बदल रहे हैं.

पिछले साल अक्टूबर में सात दिन के एक बच्चे को बचाने वाले पुलिस सब इंस्पेक्टर वसंत जाधव बताते हैं, "(रेड लाइट इलाके) कमातीपुरा में बच्चे को बेचे जाने का यह मेरा पहला केस था. बच्चे के पैदा होने से पहले ही सौदा हो गया था. खरीदार एक औरत थी जिसका अपना बच्चा नहीं था."

पुलिस ने दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया था. लेकिन जाधव बताते हैं कि बेचने वाली सेक्स वर्कर की जमानत नहीं हुई जबकि खरीदार महिला को तुरंत जमानत मिल गई. अब कोर्ट को सेक्स वर्कर की किस्मत का फैसला करना है.

इस साल जनवरी में भी पुलिस ने एक साल के बच्चे को बचाया, जिसे 20 हजार रुपये में बेचा जा रहा था. बीते साल दिसंबर में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया जो बेऔलाद माता-पिता को दो से चार लाख रुपये में बच्चे बेचते थे.

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Source: Reuters



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