सिख खेलों के साथ ए एफ एल लगातार दूसरे साल पार्टनर के तौर पर शामिल है. बताया जा रहा है कि इस बार ए एफ एल की 6 टीम सिख खेलों में हिस्सा लेंगी. तो कैसा रहेगा फूटी का रोमांच और कैसी हो रही हैं तैयारियां ये जानने के लिए हमने बात की एएफएल के मल्टीकल्चरल ऑफीसर सुदीप चक्रबोर्ती से.
सुदीप ने बताया कि पिछले साल ही ए एफ एल ने एक सहयोगी के तौर पर सिख खेलों के साथ शुरूआत की थी और उनका तीन साल का करार है. इस बार की खास बात ये है कि ए एफ एल की 6टीमें सिख खेलों में शिरकत कर रही हैं.
राष्ट्रीय सिख खेलों के बारे में सुदीप बताते हैं कि ये खेल बहुत लोकप्रिय होते जा रहे हैं और फूटी का इन खेलों में शामिल होना सिख खेलों में और रोमांच पैदा करेगा. सुदीप मानते हैं कि फूटी केवल एक खेल ही नहीं है ऑस्ट्रेलिया में वो भारत के क्रिकेट की तरह है जो हर किसी की रगों में बसता है ऐसे में ये खेल भारतीय समुदाय को मूल ऑस्ट्रेलियाई समाज के और नज़दीक ले जाएगा.
सुदीप बताते हैं कि वो भारत में पिछले 6 सालों से फूटी को प्रचारित करने का काम कर रहे हैं. और 10 राज्यों में हज़ारों खिलाड़ियों को वो इस खेल से जोड़ चुके हैं. वो मानते हैं कि क्रिकेट के अलावा एक रोज़ फूटी भी भारत और ऑस्ट्रेलिया को और नज़दीक लेकर आएगा.
हमने जानना चाहा कि क्या सुदीप एक दिन ऑस्ट्रेलिया के फूटी क्लब्स में भारतीय मूल के खिलाड़ियों को खेलते देख पा रहे हैं. तो उन्होंने कहा कि कोशिशें इसी मंज़िल को पाने के लिए की जा रही हैं. वो कहते हैं कि इसके लिए छोटी उम्र से ही बच्चों को ट्रेनिंग देनी होगी ताकि वो अच्छी तरह से इस खेल को अपना सकें.
इस बार के सिख खेलों में फूटी के आयोजन के बारे में बताते हुए सुदीप कहते हैं कि इसमें एक राउंड रॉबिन लीग होगा, जिसमें हर टीम हर दूसरी टीम के साथ खेलेगी और इसके बाद अंकों के आधार पर फाइनल मुकाबला खेला जाएगा.
