भले डंकी यानी गधे शब्द का इस्तेमाल किसी को नीचा या बेवक़ूफ़ दिखाने के लिए किया जाता हो.. लेकिन बात जब डंकी मिल्क के साबुन की हो तो आपको बता दें कि ये साबुन बहुत महंगे हैं. इनकी शुरुआत ही 499 रुपये से होती हैं और ये प्रीमियम ब्यूटी सेगमेंट में आते हैं.

डंकी मिल्क भी बहुत महंगा हैं. भारत की बात करें तो एक लीटर लगभग 2000 3000 रुपये में आता है. यानी एक चम्मच डंकी मिल्क 150 रुपये से कम नहीं मिलेगा. भारत में एक 24 साल की लड़की पूजा कौल ने इसकी शुरुआत की है. वो डंकी मिल्क से साबुन बना कर बाज़ार में बेचती हैं. यकीन मानिए, उनके डंकी मिल्क सोप हाथों-हाथ बिक जाते हैं.

कैसे हुई ये शुरुआत, डंकी जिसको सबलोग बेवक़ूफ़ मानते हैं उसका मिल्क इतना महंगा और कैसे उससे ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनना शुरू हुए, क्यूंकि बात सिर्फ डंकी मिल्क से बिज़नस की नहीं थी बात डंकी पालने वाले गरीब कामगार की भी थी. उनकी हालात भी बहुत ख़राब हैं और वो अपने डंकी से जहाँ सिर्फ 200-400 रुपये ही कमा पाते हैं उनको भी इससे फायदा होता हैं. वैसे पूजा ने जब इस बारे में सोचा तब उन्होंने डंकी मिल्क को सीधे बाज़ार में बेचने की सोची. लेकिन उन्होंने एहसास हो गया कि लोग शायद ही इसको ख़रीदे क्यूंकि डंकी के साथ ही बहुत भ्रांतियां जुडी हैं. फिर उन्होंने इसको ब्यूटी प्रोडक्ट्स में प्रयोग करने को सोचा और अपने स्टार्टअप को इस तरफ मोड़ दिया.
