ऐसी खबरें आई थीं कि भारतीय खिलाड़ियों के कमरों के आसपास सिरिंज बरामद हुईं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये सिरिंज किसकी हैं और किसने इन्हें वहां फेंका.
लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के प्रमुख डेविड ग्रेवमबर्ग ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी.
ग्रेवमबर्ग का कहना है कि सिरिंज के बारे में जानकारी कर्मचारियों ने दी जबकि एक भारतीय अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने इस बारे में अधिकारियों को सूचित किया था.
भारतीय दल के साथ आए एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "ये सिरिंज भारतीय खिलाड़ियों के कमरों में नहीं मिली हैं. ये उस बिल्डिंग में मिली हैं जहां बहुत सारे देशों के खिलाड़ी रुके हैं. ये हमारी नहीं हैं."
इस अधिकारी ने बताया कि हमारे डॉक्टर ने ही इन सुइयों के बारे में मेडिकल कमिश्न को बताया जिसके बाद इन्हें बर्बाद कर दिया गया.
अधिकारी ने कहा, "इस बारे में हमसे कोई बातचीत भी नहीं हुई. हमारे ऊपर संदेह करना अन्यायपूर्ण है."
हालांकि इसके बाद कुछ भारतीय खिलाड़ियों का डोप टेस्ट हुआ है लेकिन इसे सामान्य टेस्ट बताया जा रहा है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 4 अप्रैल से शुरू होंगे और 14 अप्रैल तक चलेंगे.
