कानूनी पचड़े में फंस गई हैं भारत से क्वीन्सलैंड के लिए आईं ट्रेनें

गोल्ड कोस्ट में अगले महीने होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान क्वीन्सलैंड में भारत से आईं नई ट्रेनों का इस्तेमाल होगा. लेकिन इन ट्रेनों का नाम खराब हो रहा है.

First three trains manufactured at Savli site in Gujarat, India have been deployed on the Queensland Rail network in Australia.

Source: Supplied

ऐसी खबरें हैं कि इन ट्रेनों के डिजाइन में खामियां हैं और मामला अब ऑस्ट्रेलिया के मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है.

क्वीन्सलैंड की सरकार ने इस योजना पर 4.4 अरब डॉलर खर्च किए हैं. इसके तहत कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर ने भारत में ट्रेनों का निर्माण किया है. लेकिन अब ये ट्रेनें कानूनी मुश्किल में फंस गई हैं क्योंकि इनके डिजाइन पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

द कूरियर मेल ने रिपोर्ट छापी है कि विकलांगों के लिए बनाए गए विशेष टॉयलेट्स में वील चेयर्स की जगह ठीक नहीं है.

पांच साल पहले क्वीन्सलैंड ने 75 नई ट्रेनों का ऑर्डर दिया था. इनमें से 9 की डिलीवरी हो चुकी है. इन ट्रेनों का कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान यात्रियों के लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होना है.

लेकिन लोगों को दिक्कतें हो रही हैं. ब्रिसबेन की वील चेयर इस्तेमाल करने वाली एक यात्री ने फेयरफैक्स मीडिया को बताया कि वह इन ट्रेनों के इस्तेमाल के खिलाफ कोर्ट जाने पर विचार कर रही हैं.

इस बारे में क्वीन्सलैंड सरकार ने मानवाधिकार आयोग से छूट देने का अनुरोध किया था जिसे आोयग ने खारिज कर दिया. आयोग ने सरकार को फैसले के लिए 16 मार्च तक का वक्त दिया है.

क्वीन्सलैंड के ट्रांसपोर्ट और मेन रोड्स मिनिस्टर मार्क बेली ने न्यूज डॉट कॉम को बताया कि सरकार विकलांगों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कहा, "इसमें कोई दोराय नहीं है कि पिछली सरकार के दौरान पास हुआ यह डिजाइन स्वीकार किए जाने लायक ही नहीं है."

मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि इस खामी को ठीक होने में 18 से 24 महीने का वक्त लग सकता है.

Follow SBS Hindi on FACEBOOK.


Share

2 min read

Published

By Shamsher Kainth


Share this with family and friends


Download our apps
SBS Audio
SBS On Demand

Listen to our podcasts
Independent news and stories connecting you to life in Australia and Hindi-speaking Australians.
Ease into the English language and Australian culture. We make learning English convenient, fun and practical.
Get the latest with our exclusive in-language podcasts on your favourite podcast apps.

Watch on SBS
SBS Hindi News

SBS Hindi News

Watch it onDemand