क्या हिंदू इंडिया की ओर बढ़ रहे हैं मोदी?

बीजेपी ने योगी आदित्य नाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया है.

Yogi Adityanath

Source: EPA

बीजेपी ने योगी आदित्य नाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया है. आदित्य नाथ को कट्टर हिंदूवादी बयानों और रवैये के लिए जाना जाता है. इसलिए उनकी देश के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर नियुक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे में बदलाव की तरह देखा जा रहा है और लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या मोदी भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में पेश करना चाहते हैं.

जानेमाने पत्रकार शेखर गुप्ता आदित्यनाथ की नियुक्ति को हिंदू राष्ट्र की ओर स्पष्ट कदम के रूप में देखते हैं. वह कहते हैं, "मोदी कह रहे हैं कि भारत एक हिंदू देश है और ऐसा ही रहेगा. हिंदू ही राज करेगा इसलिए औकात में रहो."

हालांकि बीजेपी ऐसी किसी मंशा को खारिज करती है. पार्टी प्रवक्ता कहते हैं कि सरकार ने धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया है. मोदी ने भी विकास की ही बात कही है. आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में मोदी ने कहा, "हमारा एकमात्र मिशन है विकास. जब यूपी का विकास होगा तो भारत का विकास होगा."

लेकिन एक तबके को यह आशंका है कि बीजेपी की यूपी सरकार राज्य के मुसलमानों के प्रति भेदभाव कर सकती है. 22 करोड़ लोगों के राज्य में 19 फीसदी मुसलमान हैं. बीजेपी ने राज्य विधानसभा चुनाव में एक भी मुसलमान उम्मीदवार नहीं उतारा था. आलोचक कहते हैं कि बीजेपी का एजेंडा हिंदुत्व ही है. इकनॉमिक ऐंड पॉलिटिकल वीकली के संपादक प्रंजॉय गुहा ठाकुरता कहते हैं, "बीजेपी और मोदी ने अच्छे दिनों का वादा किया था. लेकिन जब वे नौकरियां पैदा करने में नाकाम रहे, निवेश नहीं बढ़ा सके और अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं कर सके तो अपने बहुलता के एंजेडे पर लौट गए हैं."

उत्तर प्रदेश में हालांकि बीजेपी सावधान है. बीजेपी प्रवक्ता नलिन कोहली कहते हैं, "लोग अपने आप ही चीजों के समय से पहले आंक रहे हैं. ऐसी ही बातें तब भी की गई थीं जब मोदी प्रधानमंत्री बने थे. करीब तीन साल हो गए हैं और अब तक सबका साथ सबका विकास के एंजेडे का रास्ता नहीं बदला है. गरीबों तक सुविधाएं पहुंचाने का ही काम हो रहा है और किसी के साथ भेदभाव नहीं हो रहा है."

पर आदित्यनाथ की नियुक्ति को लेकर आशंकाएं ज्यादा हैं क्योंकि गोरखपुर सीट से पांच बार सासंद रहे इस महंत को मुस्लिम विरोधी बयानों के लिए जाना जाता है. 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान दाखिल ऐफिडेविट ने उन्होंने अपने ऊपर लगे जिन आरोपों की सूची दी थी उसमें हत्या की कोशिश, धमकी देना, धार्मिक उन्माद फैलाना, पूजास्थल पर तोड़फोड़ करना, दंगे कराना और कब्रिस्तानों में घुस जाना जैसे आरोप भी थे.

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3 min read

Published

By विवेक आसरी



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