भारत और पाकिस्तान के दौरे पर गए सादिक खान ने बुधवार को अमृतसर में जलियांवाला बाग का दौरा किया. वहां मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत में खान ने कहा कि ब्रिटिश सरकार को उस हत्याकांड के लिए औपचारिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए.
खान ने कहा, "मेरे लिए जलियांवाला बाग की यात्रा बेहद अहम थी. भारत के सिख, हिंदू और मुसलमान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. जनरल डायर और उनके सैनिकों ने दरवाजे बंद करके आदमी, औरतों और बच्चों पर गोलियां दागीं. मैंने वो कुआं देखा जिसमें गिरने से लोगों की जान गई. मेरा मानना है कि ब्रिटिश सरकार को अपनी गलतियों को लिए माफी मांगनी चाहिए. कुछ लोग तो इस घटना के लिए नरसंहार तक का इस्तेमाल करते हैं. ब्रिटिश सरकार को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए."
जलियांवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को वैशाखी के दिन हुआ था जब ब्रिटिश इंडियन आर्मी ने 10 हजार निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाईं. दो साल बाद इस घटना के 100 साल पूरे हो रहे हैं.
2013 में ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने जलियांवाला बाग की यात्रा की थी और इस घटना को "ब्रिटिश इतिहास की बेहद शर्मनाक घटना" कहा था. लेकिन औपचारिक तौर पर अभी ब्रिटेन ने इस घटना के लिए माफी नहीं मांगी है, जिसकी मांग अलग-अलग समय पर अलग-अलग लोगों की तरफ से होती रही है.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सादिक खान के बयान पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, "मुझे ये बात सुनकर खुशी हुई है. वह लंदन के मेयर हैं. अगर वो ये बात कह रहे हैं तो बहुत अच्छी बात है."
लंदन के मेयर सादिक खान ने कहा है कि ब्रिटिश सरकार को जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए माफी मांगनी चाहिए.
भारत और पाकिस्तान के दौरे पर गए सादिक खान ने बुधवार को अमृतसर में जलियांवाला बाग का दौरा किया. वहां मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत में खान ने कहा कि ब्रिटिश सरकार को उस हत्याकांड के लिए औपचारिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए.
खान ने कहा, "मेरे लिए जलियांवाला बाग की यात्रा बेहद अहम थी. भारत के सिख, हिंदू और मुसलमान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. जनरल डायर और उनके सैनिकों ने दरवाजे बंद करके आदमी, औरतों और बच्चों पर गोलियां दागीं. मैंने वो कुआं देखा जिसमें गिरने से लोगों की जान गई. मेरा मानना है कि ब्रिटिश सरकार को अपनी गलतियों को लिए माफी मांगनी चाहिए. कुछ लोग तो इस घटना के लिए नरसंहार तक का इस्तेमाल करते हैं. ब्रिटिश सरकार को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए."
जलियांवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को वैशाखी के दिन हुआ था जब ब्रिटिश इंडियन आर्मी ने 10 हजार निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाईं. दो साल बाद इस घटना के 100 साल पूरे हो रहे हैं.
2013 में ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने जलियांवाला बाग की यात्रा की थी और इस घटना को "ब्रिटिश इतिहास की बेहद शर्मनाक घटना" कहा था. लेकिन औपचारिक तौर पर अभी ब्रिटेन ने इस घटना के लिए माफी नहीं मांगी है, जिसकी मांग अलग-अलग समय पर अलग-अलग लोगों की तरफ से होती रही है.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सादिक खान के बयान पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, "मुझे ये बात सुनकर खुशी हुई है. वह लंदन के मेयर हैं. अगर वो ये बात कह रहे हैं तो बहुत अच्छी बात है."
