ऑस्ट्रेलिया में विभिन्न भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए एसबीएस पिछले तीन सालों से नेशनल लैंग्वेजेज़ कम्पीटीशन आयोजित कर रहा है. और इस साल भी इस सफल प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा हो गई है.
6 साल की आयान खान केवल पिछले 12 महीनों से अंग्रेज़ी भाषा सीख रहा है.. लेकिन ये उर्दू और पश्तो के बाद उनकी तीसरी भाषा है.
अयान इस बात से उत्साहित है कि वो अंग्रेज़ी भाषा सीखने के बाद अब अपने पिता के साथ सुपरमार्केट में जाकर उपलब्ध खानों के लेबल पड़ सकता है. वो कहता है.. “क्योंकि अब में स्कूल में अंग्रेज़ी बोल सकता हूं”
अयान तीसरे एसबीएस नेशनल लैग्वेजेज़ कम्पीटीशन के पांच विजेताओं में से एक है. जिसमें सभी उम्र के भाषा सीखने वाले अभ्यर्थियों से कहा गया था कि वो एक फोटो और कुछ वाक्य भेजें जो बताते हों कि भाषा सीखने से उनके लिए कौन सी संभावनाएं खुली हैं.
एसबीएस की ऑडियो एंड लैंग्वेज कंटेंट की डायरेक्टर मेंडी विक्स ने बताया कि इस प्रतियोगिता में देश भर से चार हज़ार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जो कि 80 भाषाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. वो बताती हैं.

Ayaan has been learning English for a year. Source: SBS
“हमारे पास कई व्यक्तिगत आवेदन थे और इसके अलावा कई क्लास और स्कूल के भी संयुक्त आवेदन आये थे. हम इतनी संख्या में आए आवेदनों से उत्साहित है.”

The competition winners with the judges, SBS managing director James Taylor and Education Minister Dan Tehan. Source: SBS
“हमें अपने नज़दीकी पड़ोसियों की संस्कृति को समझना चाहिए, हमें ये भी सुनिश्चित करना चाहिए कि हम उन्हें समझ सकें और साथ ही साथ उनसे संवाद भी स्थापित कर सकें क्योंकि वे आर्थिक तौर पर हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण हैं”
भाषाओं में $11मिलियन का निवेश
साल 2016 के एक आंकड़े के मुताबिक कक्षा 12 के करीब 11 फीसदी विद्यार्थी दूसरी भाषाओं को सीख रहे हैं.
ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एशिया एंड द पैसेफिक के एसोसिएट डीन डॉक्टर निकोलस फैरीली ने बुधवार को घोषणा की है कि विश्वविद्यालय ने पिछले पांच सालों में एशियाई और पैसेफिक भाषाओं को ऑनलाइन लर्निंग के जरिए विस्तार देने के लिए 11.6 मिलियन डॉलर का निवेश किया है.
अब नए फंडिंग के जरिए कम पढ़ी जाने वाली भाषाओं जैसे थाई टेटम और मंगोलियन पर ध्यान दिया जाएगा. डॉक्टर फैरीली ने कहा कि
“उस वक्त में जबकि दूसरे ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय अपने भाषाई विभाग को कायम रखने में परेशानी का सामना कर रहे हैं, ये महत्वपूर्ण निवेश किया गया है.”
अब प्रतियोगिता की एक और विजेता से मिलिए ये हैं 11 साल की हरनीप कौर, हरनीप के लिए नई भाषा सीखकर भविष्य में कोई करियर बनाना दूर की बात है. उनके लिए तो पंजाबी भाषा सीखना उनके परिवार वालों और संस्कृति से जुड़ने का नाम है. वो कहती हैं

Source: SBS
“मैं पिछले साल भारत गई थी और मैं पंजाबी बोलने और लिखने के कारण वहां अपने रिश्तेदारों और बाकी लोगों से बातचीत कर पाई”
हरनीप आगे कहती हैं “पंजाबी सीखना काफी अच्छा है क्योंकि मैं इससे अब दूसरे पीढ़ियों तक भी ले जा सकते हूं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग ये भाषा बोल सकें”
इस प्रतियोगिता के दूसरे विजेताओं में 14 साल के समर फ्रिश हैं जो इटैलियन सीख रहे हैं. 16 साल की केलसे बूथ हैं जो मैन्डेरियन सीख रही हैं. और 23 साल की जॉर्जिया हैं जो इंडोनेशियन भाषा सीख रही हैं.
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