भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "भारत ने बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर को निशाना बनाया और बड़ी संख्या में आतंकवादियों, उनके प्रशिक्षकों, वरिष्ठ कमांडरों और उन जिहादियों को मार गिराया जो आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे."
भारतीय विदेश सचिव ने कहा कि यह एक 'पूर्व-नियोजित असैनिक कार्रवाई' थी और पुख्ता सूचना के आधार पर की गई.
गोखले ने कहा, "पुख्ता सूचना मिली थी कि जैश ए मोहम्मद देश के कई हिस्सों में एक और आत्मघाती हमले की योजना बना रहा है और इसके लिए फिदायीन हमलावर तैयार किए जा रहे हैं."
14 फरवरी को पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हमला हुआ था जिसमें 40 भारतीय जवानों की जान गई थी. जैश ए मोहम्मद नाम के संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली थी.
गोखले ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से कोई कार्रवाई ना होने के कारण यह कार्रवाई जरूरी थी. उन्होंने कहा, "भारत कई बार जैश ए मोहम्मद और अन्यों के खिलाफ ऐसे सबूत दे चुका था कि वे इतने बड़े कैंप हैं जहां किसी भी वक्त सैकड़ों जिहादियों और आतंकियों को तैयार किया जा सकता है. लेकिन पाकिस्तान की तरफ से कोई कार्रवाई ना होने के कारण यह कदम जरूरी था और उठाना पड़ा."
समाचार एजेंसी एएनआई ने वायुसेना के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि 12 मिराज विमानों ने एक हजार किलोग्राम बम सीमा पार गिराए हैं. भारत सरकार या सेना की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है.
एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई 26 फरवरी को तड़के साढ़े तीन बजे हुई जब 12 मिराज 2000 विमानों ने सीमापार की और एक कथित आतंकवादी कैंप पर बमबारी की.
इससे पहले पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफ्फूर ने एक ट्वीट कर कहा था कि भारतीय विमानों ने सीमा पार की है. उन्होंने ट्वीट किया, 'भारतीय विमानों ने नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया. पाकिस्तानी वायु सेना फौरन रवाना हो गई. भारतीय विमान लौट गए हैं.'
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, "भारतीय विमानों ने मुजफ्फराबाद सेक्टर में घुसपैठ की है. पाकिस्तानी सेना ने फौरी और माकूल जवाब दिया जिस कारण वे विमान जल्दबाजी में बालाकोट के निकट बम गिराकर भाग गए. जान या माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है."
14 फरवरी को भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा सीआरपीएफ जवानों के एक काफिले पर हमला हुआ था जिसमें 40 जवान मारे गए थे. इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ था क्योंकि भारत का आरोप है कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों को शह देता है.
