स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण को 125 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के विज्ञान भवन में बोल रहे थे.
मोदी ने कहा, "मैं यहां आया तो छात्र पूरी ताकत से वंदे मातरम, वंदे मातरम... कह रहे थे। इसे सुनकर मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं. ऐसे में मैं पूरे हिंदुस्तान से पूछ रहा हूं कि हमें वंदे मातरम कहने का हक है क्या? मैं जानता हूं कि कुछ लोगों को मेरी बातें चोट पहुंचाएगी. 50 बार सोच लीजिए, हमें वंदे मातरम कहने का हक है क्या? पान खाकर भारत मां पर पिचकारी मारें और फिर वंदे मातरम बोलें? हमलोग सारा कचरा भारत मां पर फेकें और फिर वंदे मातरम बोलें? क्या यह सही है? सबसे पहले किसी को देश पर हक है तो देश भर में सफाई का काम करने वाले भारत मां के उन सच्चे संतानों को है।"
उन्होंने कहा कि हमारी भारत माता सुजलाम सुफलाम भारत माता हैं, सफाई करें या न, गंदा करने का हक नहीं है.
मोदी ने कहा कि अगर हमारे मन में भारत के लिए आत्मसम्मान और आत्मगौरव हो तो विदेश जाकर यह न कहें कि लगता ही नहीं कि भारत है.
"युवा भारत, नाय भारत" विषय पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि स्वामी जी की सफलता का कारण था उनका देश के लिए आत्मसम्मान और आत्म गौरव.
युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने हल्की-फुल्की बातें भी की. उन्होंने कहा कि वह रोज़ डे के विरोधी नहीं हैं लेकिन युवाओं को आजादी के जश्न के लिए संकल्प लेने होंगे.
