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माइग्रेंट को वापस मिलेंगे स्पॉन्सरशिप के लिए दिए $31000

न्यू साउथ वेल्स के सिविल ऐंड एडमिनिस्ट्रेटिव ट्राइब्यूनल ने सिडनी की एक माइग्रेशन फर्म को आदेश दिया है कि माइग्रेंट बिवेक नाथ मिश्रा को 31 हजार डॉलर लौटाए जाएं.

Bivek Nath Mishra
Source: Supplied

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Source: SBS


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मिश्रा ने सिडनी की गोल्डमैन पिंटेक्स मैनेजमेंट के साथ 60 हजार डॉलर का करार किया था. उन्होंने 31 हजार डॉलर दे भी दिए थे लेकिन फिर उन्हें पता चला कि कंपनी के खिलाफ फ्रॉड की शिकायत है. तब वह समझौते से बाहर आना चाहते थे.

मिश्रा ने प्रोफेशनल अकाउंटिंग में मास्टर्स डिग्री की है. लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिल पाई. इसके बाद उन्होंने गमट्री और फेसबुक पर विज्ञापन देखे जिनमें कंपनी ने वीसा स्पॉन्सरशिप का वादा किया था.

एक जून को मिश्रा ने कंपनी के साथ समझौता किया और तीन किश्तों में 31 हजार डॉलर भी दिए. फिर उन्हें पता चला कि कंपनी के एक मालिक के खिलाफ अपराधिक मामला चल रहा है.

मिश्रा ने एसबीएस पंजाबी को बताया, "एक दोस्त ने बताया कि एडी कंग के खिलाफ फ्रॉड का केस है तो मैंने सोचा कि मैं समझौते से बाहर आ जाता हूं." मिश्रा का कहना है कि कंपनी ने एडी कंग से अपने संबंध उजागर नहीं किए थे नहीं तो वह समझौता करते ही ना.

मिश्रा बताते हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी की बचत से और दोस्तों से उधार लेकर पैसे दिए थे. जब कंपनी ने पैसा लौटाने से इनकार कर दिया तो वह एनसीएटी में गए. पिछले हफ्ते एनसीएटी ने उनके हक में फैसला दिया और कंपनी को आदेश दिया कि 26 सितंबर से पहले मिश्रा के 31 हजार डॉलर लौटाए.

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