न्यायाधीश, प्रदीप तिवाना का कहना है कि वह अपनी नियुक्ति पर "बेहद सम्मानित" महसूस करते हैं और वह विक्टोरियन समुदाय की सेवा करने के लिए तैयार हैं।
मुख्य बातें :
- प्रदीप तिवाना विक्टोरिया काउंटी (आपराधिक) कोर्ट में जज नियुक्त होने वाले पहले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई हैं।
- प्रदीप तिवाना का जन्म इंग्लैंड में हुआ था और वह 2006 में ऑस्ट्रेलिया आए।
- पंजाब से संबंध रखने वाले प्रदीप, अंग्रेजी के साथ हिंदी और पंजाबी भी बोलते हैं।
प्रदीप साल 2006 में इंग्लैंड से ऑस्ट्रेलिया आए थे और ऑस्ट्रेलिया आने से पहले, लगभग 12 साल तक प्रदीप ने इंग्लैंड में कानून का अभ्यास किया। ऑस्ट्रेलिया आने के बाद साल 2009 में उन्होंने विक्टोरियन बार रोल पर हस्ताक्षर कर अपने आप को एक सफल वकील के तौर पर स्थापित किया।
51 वर्षीय जज, प्रदीप तिवाना का सफर आसान नहीं रहा और वह अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और समर्पण को देते हैं।
प्रदीप तिवाना का जन्म इंग्लैंड में ज़रूर हुआ था पर उनका परिवार पंजाब के जालंधर के पास, कोट कलां गांव का रहने वाला है। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि न्यायाधीश तिवाना बिना किसी मुश्किल के पंजाबी और हिंदी बोल लेते हैं।
मुझे अपनी भारतीय संस्कृति पर गर्व है और मैं भारतीय फिल्मों और ख़बरों से जुड़ा रहता हूँ
एसबीएस हिंदी से बात करते हुए वह कहते हैं कि यह एक बड़ा सम्मान है और वह अपने आप को बहुत भाग्यशाली महसूस करते हैं।
प्रदीप तिवाना कहते हैं,
मेरी नियुक्ति को विविध पृष्ठभूमि के प्रवासियों के लिए, एक प्रेरणा के रूप में देखा जाना चाहिए। अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं, तो आप अपने चुने हुए क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं

हाल ही में विक्टोरिया काउंटी कोर्ट में प्रदीप तिवाना सहित तीन और न्यायाधीशों को नियुक्त किया गया और विक्टोरिया सरकार कहना है कि इन नियुक्तियों के बाद न्याय प्रणाली पर दबाव कम होगा।
विक्टोरिया के अटॉर्नी-जनरल, जैकलिन सिम्स ने एक बयान में कहा सरकार अदालतों के साथ लगातार काम कर रही है। महामारी के कारण होने वाले बैकलॉग को ख़त्म करना विक्टोरियन सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है।
इसी कोशिश में न्यायाधीश, तिवाना यौन और नशीली दवाओं से संबंधित आपराधिक मामलों पर निर्णय करेंगे।
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