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नागरिकता के लिए इंतजार आठ साल करने का प्रस्ताव संसद में पेश

फेडरल पार्ल्यामेंट में इस हफ्ते एक बिल पेश किया गया है जिसमें प्रस्ताव है कि पर्मानेंट रेजिंडेंट्स के लिए नागरिकता के लिए अप्लाई करने का प्रतीक्षा अवधि को बढ़ाकर आठ साल कर दिया जाए.

Senator Pauline Hanson
Senator Pauline Hanson Source: Facebook

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वन नेशन की सेनेटर पॉलीन हैन्सन ने यह प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश किया है. बुधवार को पेश किए गए इस बिल में ऑस्ट्रेलियन सिटिजनशिप ऐक्ट 2007 और माइग्रेशन ऐक्ट 1958 में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है.

फिलहाल पर्मानेंट रेजिडेंट्स के लिए प्रतीक्षा अवधि एक साल है जिसे हैन्सन आठ साल करवाना चाहती हैं. सरकार ने इस अवधि को चार साल करने का प्रस्ताव रखा है.

हैन्सन ने अपने बिल में जो प्रस्ताव रखे हैं उनमें अंग्रेजी के बेहतर स्तर की बात भी है. केंद्र सरकार भी अपने बिल में इसका प्रस्ताव कर चुकी है.

सेनेटर हैन्सन कहती हैं कि लोगों को नागरिक बनने से पहली अपनी काबिलियत साबित करनी चाहिए. उन्होंने कहा, “क्या आपका चरित्र अच्छा है? आप अपराधी तो नहीं हैं? क्या आप हमारी संस्कृति, हमारी जीवनशैली के प्रति वफादार हैं?”

हालांकि सेनेटर हैन्सन का प्रस्ताव पास होने की संभावना कम ही है क्योंकि ग्रीन्स और लेबर पार्टी यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि वे ऐसे किसी भी प्रस्ताव का विरोध करेंगी जो लोगों के लिए नागरिकता लेना मुश्किल बना सकता है.

शैडो मिनिस्टर फॉर सिटिजनशिप टोनी बर्क ने एसबीएस पंजाबी से कहा, “यदि आप ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं जिसमें हमारे यहां ऐसे लोगों की स्थायी जमात तैयार हो जाए जो नागरिक नहीं हैं, तो आप ऑस्ट्रेलिया को एक बहुसांस्कृतिक समाज से बंटे हुए समाज में तब्दील कर रहे हैं.”

केंद्र सरकार ने पिछले साल नागरिकता के नियमों में बदलाव करने की कोशिश की थी लेकिन अंग्रेजी के बेहतर स्तर के मुद्दे पर विवाद हो गया था. हालांकि नागरिकता के लिए प्रतीक्षा अवधि को लेकर सरकार अभी भी डटी हुई है.

मिनिस्टर फॉर सिटिजनशिप के प्रवक्ता ऐलन टज ने एसबीएस पंजाबी को बताया, “ये बदलाव जरूरी हैं क्योंकि टर्नबुल सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नए ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों इस देश में उपलब्ध सारे मौके मिल सकें.”

सरकार बदलावों के लिए बातचीत को जारी रखे हुए है और यदि ये प्रस्ताव पास हो जाते हैं तो इस साल 1 जुलाई से लागू हो सकते हैं.

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