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नॉर्दर्न टेरिटरी में भारतीय मूल के शिकारी को फिर जेल

भारतीय मूल के कीर्ति ईस्वरन को अवैध शिकार करने के लिए एक साल से ज्यादा जेल में बिताना होगा.

Keerthi Raja Eswaran
Keerthi Raja Eswaran Source: ABC Australia

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35 साल के ईस्वरन को जानवरों की खोपड़ियों और हड्डियों के विशाल जखीरे के साथ पकड़ा गया था. शुक्रवार को डार्विन की सुप्रीम कोर्ट में ईस्वरन ने आठ आरोपों में अपना गुनाह कबूल किया.

ईस्वरन को पहले भी इसी तरह के आरोपों में सजा हो चुकी थी. मार्च 2017 में उसे जानवरों के अंग रखने और उनका व्यापार करने के 350 आरोपों में दस महीने की सजा हुई थी लेकिन उस सजा को निलंबित कर दिया गया था. लेकिन इस सजा के पांच महीने बाकी रहते ही ईस्वरन को दोबारा पकड़ा गया.

पुलिस के मुताबिक ईस्वरन ने मगरमच्छ और वॉम्बैट की खोपड़ियां, बबून और चिपमंक की पूंछ जैसी तमाम चीजें बेचीं. उसने ईबे पर छह सौ चीजें बिक्री के लिए डाल रखी थीं जिनकी कीमत 70 हजार डॉलर से ज्यादा थी. पुलिस को छापे में उसके फ्रिज और जहां-तहां सड़ते अंग बरामद हुए थे.

जस्टिस पीटर बार ने ईस्वरन को 23 महीने की जेल की सजा सुनाई है. इनमें से 10 महीने पिछली सजा के हैं और 13 महीने नए आरोपों की सजा है.

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