ऑस्ट्रेलिया का वीसा अप्लाई करते वक्त अगर आपने एक जानकारी भी गलत दे दी तो आप पर दोबारा वीसा अप्लाई करने के लिए 10 साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है. और इस प्रतिबंध का असर ताउम्र भी झेलना पड़ सकता है.
नए नियम इस बात की ढील नहीं देते कि गलत या झूठी जानकारी क्यों दी गई. यदि ऐसा गलती से भी हुआ तो 10 साल का प्रतिबंध लग जाएगा. पहले यह अवधि 12 महीने की थी.
सरकार जिन जानकारियों पर विशेष नजर रख रही है उनमें गलतबयानी, तथ्य छिपाना, झूठे दस्तावेज जैसे बैंक रिकॉर्ड, वर्क एक्सपीरियंस लगाना, इंग्लिश की जानकारी के बारे में झूठी जानकारी देना आदि शामिल हैं.
यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में इमिग्रेशन लॉ की एक्सपर्ट मैरी क्रॉक कहती हैं कि इस प्रतिबंध का असर बेहद बुरा होगा. उन्होंने बताया, “अगर आप पर इतनी लंबी अवधि तक का प्रतिबंध लगाया जाता है तो आपका देश में आना असंभव हो जाएगा.”
ये नए नियम उन अर्जियों पर भी लागू होंगे जो 18 मई के बाद आई हैं. पहले होता यूं था कि अगर आपके फॉर्म में गलत जानकारी पाई गई तो आपको सूचित किया जाता था. आप अपनी अर्जी वापस ले सकते थे और उसके बदले आपको 12 महीने का प्रतिबंध झेलना पड़ता. यदि आप अपनी ऐप्लिकेशन वापस नहीं लेते तो आपको वीसा देने से इनकार कर दिया जाता. तब आप तीन साल तक दोबारा अप्लाई नहीं कर सकते थे. अब 12 महीने की अवधि को 10 साल में बदल दिया गया है.
इमिग्रेशन डिपार्टमेंट का कहना है कि कुछ लोग जानबूझ कर 12 महीने तक इंतजार करते हैं ताकि दोबारा अप्लाई किया जा सके. ऐसे धोखेबाजों को रोकने के लिए ही अवधि बढ़ाई गई है.
मेलबर्न के माइग्रेशन एजेंट जुझार सिंह बाजवा कहते हैं कि ये बदलाव अच्छा कदम हैं क्योंकि धोखाधड़ी को रोकना जरूरी है लेकिन नए नियम उन लोगों के लिए बहुत ज्यादा सख्त हैं जो गलती से कोई गलत जानकारी दे सकते हैं.
“बहुत से लोगों को तो पता ही नहीं होता कि कौन से दस्तावेज देने चाहिए और कौन से नहीं.”
और कई बार ऐसा भी होता है कि एजेंट आपको गलत जानकारी देने के लिए कह देते हैं. उस सूरत में भी बड़ा नुकसान हो सकता है. एक भारतीय ऐप्लिकेंट को अपनी अर्जी वापस लेनी पड़ी जब विभाग ने उनकी ऐप्लिकेशन में गलत वर्क एक्सपीरियंस पाया. नाम ना बताने की शर्त पर यह ऐप्लिकेंट ने बताते, “मेरे एजेंट ने मुझे कहा था कि यह वर्क एक्सपीरियंस लगाने से जल्दी असेसमेंट हो जाएगा.”
अब यह ऐप्लिकेंट 12 महीने की पेनल्टी झेल रहे हैं और इन्हें डर है कि इनकी पेनल्टी 10 साल में बदली जा सकती है.
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